बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अज्ञात जूनियर डॉक्टरों पर मरीज के परिजन की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरी ओर बीआरडी के एक जूनियर डॉक्टर ने भी मरीज के परिजन के खिलाफ तहरीर दी है, जिस पर पुलिस ने जांच तो शुरू कर दी है, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया है। घटना बुधवार शाम की है।
महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के महदेवा निवासी दुर्गावती (55) पत्नी परशुराम को इलाज के लिए परिजन बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। बुधवार शाम छह बजे वार्ड पांच के बेड नंबर 72 पर भर्ती हुईं थीं। इस दौरान मरीज का बेटा अमित जूनियर डॉक्टर से पूछा कि इतनी देर में आ रहे हैं। दिन भर इंतजार करते रहे। मां की तबीयत गंभीर है।
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आरोप है कि इस पर डॉक्टर आक्रोशित होकर गाली देने लगे। विरोध करने पर आधा दर्जन जूनियर डॉक्टर इकट्ठे होकर केबिन में ले जाकर मारे पीटे। मरीज की बहन का बेटा कृष्ण मोहन और बेटी सुधा बीच बचाव करने आए तो उन्हें भी मारा पीटा गया। किसी तरह जान बचाकर भागने का प्रयास किया तो दौड़ाकर मारा।
अमित की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुलरिहा थाना प्रभारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया गया है। डॉक्टर की तरफ से भी तहरीर मिली है, जांच की जा रही है।
डॉक्टर ने की कार्रवाई की मांग
वहीं, दूसरी ओर डॉक्टरों का कहना है कि कन्वर्जन डिसऑर्डर में बेहोश हो रही थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मरीज के परिजन को समझाया कि घबराने की जरूरत नहीं है। मानसिक विभाग के डाॅक्टर भी मरीज को आकर देखेंगे। इस पर मरीज के परिजन भड़क गए और जूनियर डॉ. पुष्कर त्रिपाठी के साथ अभद्रता की और लात घूसों से मारा पीटा। मारपीट की घटना में डॉक्टर का सिर फट गया। डॉ. पुष्कर त्रिपाठी ने मामले में गुलरिहा पुलिस को लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।