अन्नू ने अफसरों को बताया कि विजय राय पहले बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर और बाद में सृष्टि-इंद्रा डेवलपर्स में सेल्समैन का काम करते थे। आरोप है कि दोनों फर्मों के संचालकों पर विजय राय का लाखों रुपये बकाया है। दोनों ने रुपये देने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं हर्षित मिश्र ने विजय की सफारी गाड़ी भी हड़प ली थी।
इस संबंध में कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज है। रुपये लौटाने का दबाव बनाने पर दोनों प्रापर्टी डीलरों ने विजय राय को धमकी देने के साथ ही उनका शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर उन्होंने खुदकुशी कर ली।
इस संबंध में जब प्रापर्टी डीलर अक्षय मिश्रा उर्फ हर्षित का पक्ष लेने के लिए फोन किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। उनका पक्ष जब भी मिलेगा, प्रकाशित किया जाएगा।
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बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर संचालक अभिषेक पांडेय ने बताया कि विजय राय की पत्नी द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है। विजय अवसाद में थे। पुलिस की जांच पर पूरा भरोसा है। जांच में पुलिस का पूरा सहयोग किया जाएगा।
कैंट इंस्पेक्टर रवि राय ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद अन्नू राय की तहरीर के आधार पर दोनों प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।