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UP: कोर्ट में उपस्थित होंगे कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, बोले- न्यायपालिका पर पूरा विश्वास, सपा ने फंसाया

Mon, 08 Aug 2022 01:22 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

डॉ संजय निषाद ने कहा कि 2015 में निषादों पर अत्याचार किया गया था। सपा सरकार ने गोली चलवाई थी, फिर मुकदमे में फंसा दिया। समाज के हित की लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए जेल जाने से गुरेज नहीं है। सड़क से सदन तक आवाज उठाते रहेंगे ।
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निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद 10 अगस्त को सीजेएम कोर्ट में उपस्थित होंगे। उनका कहना है कि न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। न्याय जरूर मिलेगा।

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सीजेएम जगन्नाथ ने कसरवल में हुए बवाल के मामले में मत्स्य पालन मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। डॉ. संजय को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी शाहपुर पुलिस को दी गई है।

इसे लेकर कैबिनेट मंत्री ने रविवार को प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि वह आंध्र प्रदेश के आधिकारिक दौरे पर हैं। मीडिया के माध्यम से पता चला कि गैर जमानती वारंट जारी हुआ है। निर्धारित तिथि पर कोर्ट में उपस्थित रहकर अधिवक्ताओं के माध्यम से अपना पक्ष रखेंगे।
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कहा कि 2015 में निषादों पर अत्याचार किया गया था। सपा सरकार ने गोली चलवाई थी, फिर मुकदमे में फंसा दिया। समाज के हित की लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए जेल जाने से गुरेज नहीं है। सड़क से सदन तक आवाज उठाते रहेंगे ।

 

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निषाद आर्मी बोली- स्वार्थ की राजनीति कर रहे डॉ संजय
निषाद आर्मी ने कसरवल मामले में गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद डॉ. संजय निषाद पर निशाना साधा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र निषाद और महासचिव मनोज निषाद ने कहा कि डॉ. संजय ने हमेशा स्वार्थ की राजनीति की है। निषाद समाज के हित का ध्यान कभी नहीं रखा। खुद एमएलसी व मंत्री बन गए। एक बेटा सांसद और दूसरा बेटा विधायक है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

परिवार के दूसरे सदस्यों को भी जनप्रतिनिधि बनवाने की मुहिम चल रही है। निषाद समाज के जो लोग डॉ. संजय के साथ थे, उन सबको किनारे कर दिया गया है। निषाद समाज अब जागरूक हो चुका है। वह किसी बहकावे में नहीं आएगा। कसरवल की घटना के बाद निषाद समाज के तमाम लोगों को जेल भेजा गया था। अब भी मुकदमे चल रहे हैं। सब संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन डॉ संजय राजनीति में लगे हैं।


 
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