पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन एम देवराज के आदेश को दरकिनार कर मंडल के अभियंता हैवी कनेक्शनों में खेल कर रहे हैं। अभियंता हैवी कनेक्शन (वाणिज्यिक या औद्योगिक) देने के बाद लाइन का इस्टीमेट अपने तरीके से बनाते हैं। उसे पास करते हैं। एक-दो लाइन नहीं, बल्कि ऐसे कई कनेक्शनों के इस्टीमेट (प्राक्कलन) चेयरमैन के आदेश के खिलाफ तैयार किए गए और स्वीकृत कर पास भी कर दिए गए।
अनियमितताओं को देखते हुए चेयरमैन ने 7 दिसंबर 22 को दिशा निर्देश जारी किया था। इसके अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके पद के अनुसार जिम्मा दिया गया था। दरअसल, उपभोक्ता अगर अपने दो किलोवाट के कनेक्शन का आवेदन करता है और उसके घर से खंभे की दूरी 40 मीटर होती है, तो नई लाइन बनानी पड़ती है।
यह नियम 2 किलोवाट और 100 किलोवाट या उससे अधिक की क्षमता के कनेक्शनों में लागू होता है। सबसे पहले अवर अभियंता इलाके का भौतिक परीक्षण करता है। लाइन चार्ट बनाकर उसमें लगने वाले सामान का ब्यौरा तैयार करता है। लाइन चार्ट को ऊपर के अधिकारी स्वीकृत कर इस्टीमेट तैयार करते हैं।
कारपोरेशन के अध्यक्ष के नए नियम के अनुसार, इस्टीमेट तैयार होने के बाद उसमें भरी गई डिमांड (सामान) की जांच और खरीद की दर को खंड के लेखाकार की ओर से भी स्वीकृत किया जाना था। कारपोरेशन के नियम के अनुसार, सामान को उसी दर से खरीदा जाना चाहिए, जिस योजना में लेखाकार स्वीकृति देते हैं। लेकिन, अभियंता बिना लेखाकार की जांच-परख के ही स्वीकृत करवा कर लाइन बनवाते हैं और खेल कर जाते हैं।