फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कफ कलेक्शन एप: आवाज और खांसी की रिकॉर्डिंग कर बताएगा टीबी है या नहीं, ऐसे करता है काम

Mon, 07 Feb 2022 01:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

टीबी की पहचान के लिए तैयार किया गया कफ कलेक्शन एप, जिले से 134 लोगों की आवाज रिकॉर्डिंग कर भेजी गई।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आवाज और खांसी रिकॉर्ड कर एप बताएगा आपको टीबी है या नहीं। इससे टीबी के संदिग्ध मरीज का पता चलेगा। इसमें रोगी या चिह्नित व्यक्ति की आवाज आठ बार रिकॉर्ड की जाएगी। टीबी कफ कलेक्शन एप से यह व्यवस्था शुरू की गई है।

विज्ञापन


जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में यह एप लांच हुआ है। इसमें जिले से 134 नमूनों की रिकॉर्डिंग की गई है। इस एप के जरिए खांसी तीन बार रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा एक से 10 तक गिनती गिनने, अ, आ, ई से लेकर कुछ अन्य अक्षर भी बुलवाए गए।

इस तरह से आठ बार आवाज रिकॉर्ड की गई। इसके बाद से एप के जरिये लगातार खांसने वालों की आवाज रिकॉर्ड हुई है। यह रिकॉर्डिंग तैयार कर सेंट्रल टीबी डिवीजन को भेजी गई है। इन लोगों के बलगम की भी जांच की जाएगी। बताया कि सभी के नाम और पते गोपनीय रखे गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह काम करता है एप

सात साल से अधिक उम्र के टीबी मरीजों, संभावित और संपर्क में रह रहे लोगों की वाइस रिकॉर्डिंग की गई। पहले संबंधित व्यक्ति, मरीज का पूरा डाटा भरा गया। इसके बाद अलग-अलग चार चरणों में रिकॉर्डिंग की गई। पहले चरण में एक से 10 तक गिनती गिनाई गई। दूसरे में खांसी की आवाज, तीसरे में अ, आ, ई इन तीन अक्षर को तीन-तीन बार बुलवाया गया। चौथे चरण में बैकग्राउंड आवाज रिकॉर्ड की गई।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने का कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सॉल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी के लिए 134 लोगों के सैंपल जिले से सेंट्रल टीबी डिवीजन को भेजे गए हैं। रिपोर्ट वहां से जारी की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें