दुकान पर ग्राहकों की काफी भीड़ रहती है। कई बार ग्राहकों का दिया रुपया जब तकनीकी कारण से उनके खाते में नहीं आ पाता था तो वह अंकुश पासवान के खाते में पेटीएम से मंगा लेता था। बाद में अंकुश के खाते से पेटीएम व्यापारी अपने खाते में ले लेता था।
अंकुश पेटीएम के काम में निपुण हो गया तो अप्रैल 2022 से ग्राहकों का पैसा पेटीएम से अपने खाते में ले लेता था और फिर उस पैसे को दुकान मालिक के खाते में भेज देता था। बाद में उस भेजे गए पैसे को अपने खाते में रिफंड सिस्टम के जरिये वापस ले लेता था। इस तरह से करीब 10 लाख रुपये उसने अपने खाते में मंगा लिया।
दुकान मालिक को शंका हुई कि बार-बार मेरे मोबाइल पर रुपये रिफंड होने का संदेश क्यों आता है तब उन्होंने अपने अकाउंटेंट से इस विषय में पूछा। अकाउंटेंट को भी जानकारी न होने के कारण बताया गया कि यह रुपया वापस हो जाएगा। जब सेठ ने आडिट कराया तो उसे अंकुश के जालसाजी की जानकारी हुई। जिसके बाद वशिष्ठ ने अंकुश के खिलाफ मुकदमा कराया।
प्रभारी निरीक्षक शशि भूषण राय और उनकी टीम ने अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि करीब 10 लाख रुपये उसने रिफंड के माध्यम से गबन किया है और इसके द्वारा डीजे का छह लाख का सामान खरीदा गया है।