Gorakhpur Crime News: सराफा व्यापारी जालंधर मुंबइया के बेटे रोहित ने परिवार से बात की। मां-पिता से बात के बाद रोहित ने फोन बंद कर दिया। घरवालों को डर है कि कोई गलत कदम न उठा ले। पुलिस को उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में मिली है।
Gorakhpur News: गोरखपुर के हिंदी बाजार के सराफा व्यापारी जालंधर मुंबइया के बेटे रोहित ने फोन कर अपने माता-पिता और पत्नी से बात की। घर छोड़कर गए बेटे ने अपने पिता से कहा- मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, अब पछतावा हो रहा है।
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आप लोग मुझे माफ कर दीजिएगा, लेकिन अब घर आने में डर लग रहा है। कौन सा मुंह लेकर वापस आऊंगा। घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी वह अभी घर वापस आने को तैयार नहीं है।
उधर, पुलिस को सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन महाराष्ट्र में पता चली है। बहुत जल्द उसे ढूंढने पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र जा सकती है। अभी तक उसके झूठी अपहरण और फिरौती मांगने की कहानी रचने की वजह का पता नहीं चल पाया है। घरवालों को भी उसने इसका कारण नहीं बताया है।
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पुणे में है घर
सूत्रों के अनुसार, जालंधर मुंबइया मूलत: महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। इनके पटीदार वहां रहते हैं। जालंधर अपने परिवार के साथ काफी पहले गोरखपुर आकर बस गए थे। पुणे वाले घर पर ताला लगा रहता है। कभी-कभी परिवार वहां घूमने जाता है। रोहित भी वहां आता-जाता रहता है। परिवार के लोग पटीदार के जरिए उसे ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं।
रोहित की राह देख रहा परिवार
शुक्रवार को रोहित से बात होने के बाद भी घरवालों की चिंता बरकरार है। घरवालों से बात करके रोहित ने मोबाइल बंद कर दिया। इस वजह से घर वाले सहमे हुए हैं कि कहीं रोहित कोई गलत कदम न उठा ले। रोहित ने घरवालों से बातचीत में यह भी कहा कि वह वापस आएगा तब पुलिस उसे कुछ कहेगी तो नहीं। इसपर पिता ने उसे कुछ नहीं होने का आश्वासन भी दिया।
पुलिस टीम रोहित की तलाश में लगी है। अभी तक की जांच में कहीं भी अपहरण की बात सामने नहीं आई है। सीसीटीवी कैमरे में हर जगह वह कार में अकेले दिखा। उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में मिली है।-अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
'बेटे की सलामती चाहते हो तो दस करोड़ दे दो...'
आपको बता दें कि गोरखपुर के हिंदी बाजार के एक सर्राफ के बेटे का बुधवार सुबह अचानक लापता हो गया था। उसने घंटे भर बाद करीब 12 बजे एक रैपिडो का ड्राइवर रोहित के पिता की दुकान पर आया। उसने पिता को एक बैग दिया, जिसमें एक स्वेटर और लेटर था। लेटर में बेटे रोहित के अपरहण किए जाने का जिक्र था और उसे सही सलामत पाने के लिए 10 करोड़ रुपये फिरौती की मांग की गई थी।
हिंदी बाजार में लगभग 25 साल पहले कारीगर जालंधर मुंबइया (सावंत) आए थे। इनकी दुकान चौधरी गली में है और शुरू से ही सोने की गलाई का काम करते हैं। इसी के साथ गहनों का भी काम करते हैं। इनका बेटा रोहित भी इस काम में उनकी मदद करता है। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 11 बजे रोहित अपने घर से स्कूटी से गोलघर के इंदिरा बाल बिहार के लिए निकला।
घंटे भर बाद रैपिडो का ड्राइवर रोहित के पिता की दुकान पर आया। उसने पिता को एक बैग दिया, जिसमें एक स्वेटर और लेटर था। पत्र मिलते ही परिजन सन्न रह गए। वे तत्काल राजघाट थाने पहुंले और पुलिस को सारी बात बताई। उन्होंने पत्र भी पुलिस को दे दिया। अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और छानबीन शुरू कर दी।