बुद्ध पूर्णिमा पर पूजा करते धर्मगुरु व अन्य।
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वैश्विक महामारी के कारण बुद्ध पूर्णिमा अवसर पर नेपाल में भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बनी में सीमित लोगों की मौजूदगी में पूजा की गई। लॉकडाउन के कारण सरकार द्वारा तय माप दंड के अनुसार मंदिर परिसर में महायानी, बज्रयानी और थेरवादु सम्प्रदाय के गुरुओं, भिक्षुओं, नन और लामाओं की मौजूदगी में लुम्बनी में स्थिति मायादेवी मंदिर परिसर में भगवान गौतमबुद्ध की पूजा करने के साथ मंत्रों का भी जाप किया गया।
इस दौरान मंदिर परिसर में लुम्बनी प्रदेश के मुख्यमंत्री शंकर पोखरेल, राज्य विधानसभा सदस्य फखरुद्दीन खान, लुंबिनी विकास कोष के अधिकारी और कर्मचारी ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे। लुंबिनी विकास कोष के सदस्य सचिव शानुराजा शाक्य ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष कोई भी औपचारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कोरोना महामारी जैसी बीमारी को खत्म करने व संक्रमित हुए मरीजों को ठीक करने और कोरोना से मरने वालो की आत्मा की शांति के लिए शाम को 2565 दीए जलाए जाएंगे।
बुद्ध चौक पर बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई
सोनौली में स्थानीय नगर पंचायत के कुनसेरवा में बुद्ध चौक पर बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई। बुधवार की सुबह करीब दस बजे सोनौली के बुद्ध चौक पर महात्मा बुद्ध के अनुयाइयों ने भगवान गौतम बुद्ध के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित व पुष्प अर्पित पूजा किया। इस अवसर पर राजेंद्र गौतम, बैजू यादव, राजकुमार नायक, पूर्णमासी गौड़, विष्णु प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, शिव मूरत, यशोदा नंद, सुनील गौतम, भोलू वर्मा,राजू पटवा, पप्पू गुप्ता आदि मौजूद रहें।