विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के लिए इतिहास दोहराने की चुनौती है। पिछले चुनाव में जब गोरखपुर मंडल में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ हो गया था, तब बसपा ने चिल्लूपार सीट से जीत हासिल कर विपक्ष का खाता खोला था।
गोरखपुर जिले में बसपा का प्रदर्शन हमेशा अच्छा रहा हैै। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2002, 2007 व 2012 के चुनाव में बसपा ने चार-चार सीटें जीती थीं। वर्ष 2007 में जब बसपा की सरकार बनी तो तीन विधायकों को मंत्री भी बनने का मौका मिला। चिल्लूपार से अजेय बन चुके पंडित हरिशंकर तिवारी को पराजित करने का पुरस्कार राजेश त्रिपाठी को मिला।
इसी तरह निषादों के नेता बनकर उभरे जमुना निषाद, पिपराइच से जीते तो उन्हें मंत्री का ओहदा मिला। वहीं, बांसगांव से चुनाव जीतकर सदन पहुंचे सदल प्रसाद को भी मायावती ने कैबिनेट मंत्री बना दिया।
26 को होगी मायावती की सभा
बसपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती 26 फरवरी को चंपा देवी पार्क में सभा करेंगी। इस सभा में गोरखपुर मंडल के 28 विधानसभा क्षेत्रों के बसपा प्रत्याशी मौजूद रहेंगे।
बसपा जिलाध्यक संतोष कुमार जिज्ञासु ने बताया कि गोरखपुर जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर पार्टी ने मजबूत प्रत्याशी उतारा है। सभी सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि पिछला प्रदर्शन पार्टी फिर दोहराएगी। जिले में हम अच्छी जीत हासिल करेंगे।
कब, कहां जीती बसपा
वर्ष विधानसभा क्षेत्र
2002 : कौड़ीराम, धुरियापार, सहजनवां, बांसगांव
2007 : चिल्लूपार, पिपराइच, कौड़ीराम, बांसगांव
2012 : चिल्लूपार, सहजनवां, चौरीचौरा, बांसगांव
2017 : चिल्लूपार