कमरे की चाबी दिग्विजय कुशवाहा के पास भी रहती थी, रविवार सुबह में वह खोराबार के दिव्यनगर में रहने वाले अपने चाचा बांकेलाल कुशवाहा के घर पर गया था। उसने एक हजार रुपये किताब के नाम पर मांगा था। इसके बाद फिर कमरे पर आ गया।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में PM मोदी का आगमन: SPG ने देखा पीएम का कार्यक्रम स्थल, होटलों में ठहरे लोगों की मांगी गई जानकारी
देर शाम दिग्विजय की मां ने बांकेलाल को फोन कर बताया कि उसका फोन नहीं उठ रहा है। इसके बाद फिर बांकेलाल ने मकान मालिक जगदीश से बातचीत की तो वह कमरे की ओर गए। कमरा अंदर से बंद था और आवाज देने पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो शव फंदे से लटक रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि छात्र मानसिक रूप से बीमार चल रहा था, उसके दवा की पर्ची मिली है। उसका एक परीक्षा भी छूट गया था। शायद इसी कारण उसने खुदकुशी की है।