बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई इस घटना को डॉक्टर स्ट्रेस रिएक्शन मान रहे हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अमित शाही ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से लोगों का व्यवहार बदल रहा है। लोगों के जेहन में मौत का डर बैठ रहा है। इसे क्यूट साइकोसिस कहते हैं। इसमें आत्मघाती विचार आते हैं। इसका असर कम से कम 48 घंटे रहता है। इस दौरान पागलपन के दौरे पड़ते हैं। ऐसे में मरीज अपनी जान ले सकता है। दूसरे पर भी हमला कर देता है।
युवक ने इलाज के लिए मांगी थी बड़ी रकम
कुशीनगर के युवक द्वारा खुदकुशी की कोशिश की घटना की जानकारी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उसके घरवालों को दी है। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार की रात में संक्रमित युवक ने उन्हें फोन करके इलाज के लिए बड़ी रकम की मांग की थी। यह भी बताया कि वह जल्द आवेश में आ जाता है। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि संक्रमितों की काउंसलिंग कराई जा रही है। इसके लिए मानसिक रोग विभाग के विशेषज्ञों की टीम लगाई गई है।