बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इलेक्टिव सर्जरी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। केवल गंभीर मरीजों की सर्जरी का फैसला लिया है। उसमें भी उन्हीं गंभीर मरीजों की सर्जरी होगी, जिनका बेहद जरूरी होगा।
जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सभी जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी है। बताया जाता है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है कि अचानक अगर मरीज बढ़ते हैं, तो उनके देखभाल के लिए जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी कॉलेज प्रशासन अपने अनुसार लगाएगा।
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हल्के सर्दी-जुकाम के मरीजों को भी कर दे रहे हैं रेफर
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बाहर से जो भी मरीज आ रहे हैं, उनमें कई ऐसे मरीज हैं, जिन्हें हल्का सर्दी जुकाम और बुखार है। लेकिन ऐसे मरीजों को भी लोग मेडिकल कॉले रेफर कर दे रहे हैं। जबकि ऐसे मरीजों का इलाज लेवल वन अस्पताल में हो सकता है।
इसकी वजह से अगर गंभीर मरीज आते हैं, तो उन्हें भर्ती करने में तमाम परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि केवल गंभीर मरीजों को बीआरडी में भेजेंगे, तो बेड भी खाली रहेंगे और सही समय पर गंभीर मरीजों का इलाज भी हो पाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों समेत 20 से अधिक कर्मी कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। कॉलेज कैंपस को पहले ही रेड जोन घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अब कॉलेज प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता है। यही वजह है कि कॉलेज प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि केवल गंभीर मरीजों को अब भर्ती किया जाएगा। सामान्य मरीज भर्ती नहीं होंगे।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि कोरोना वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है। वेंटीलेटर भी फुल हो चुके हैं। गोरखपुर और बस्ती मंडल का इकलौता कोविड-लेवल टू और थ्री का अस्पताल है। यहां केवल गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाए, जिससे की गंभीर मरीजों का इलाज सही समय पर हो सके।