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बीआरडी मेडिकल कॉलेज का कोविड वार्ड हुआ फुल, जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी भी हुई निरस्त

Wed, 15 Jul 2020 12:23 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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BRD medical college - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के बढ़ते मरीजों के कारण गोरखपुर और बस्ती मंडल का बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बना इकलौता कोविड-लेवल-टू और थ्री वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है। 160 नॉर्मल बेड और 40 बेड के वेंटीलेटर पर मरीज भर्ती है। एक-दुक्का वेंटीलेटर छोड़कर अन्य कोई भी बेड खाली नहीं है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने इलेक्टिव सर्जरी पर रोक लगा दी है। साथ ही जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी भी निरस्त कर दी है।

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गोरखपुर और बस्ती मंडल में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गोरखपुर जिले की बात करें तो लेवल-वन के रेलवे अस्पताल में भी मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। 200 के बेड पर 140 से अधिक मरीज भर्ती है।

इसके अलावा 50 से अधिक मरीजों को बीआरडी में भर्ती कराया गया है। साथ ही स्पोर्ट्स स्टेडियम में 32 मरीज भर्ती है। लेकिन इस बीच सबसे बड़ा सकंट बीआरडी प्रशासन के सामने खड़ा हो गया है। क्योंकि यहां पर गोरखपुर और बस्ती मंडल के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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इसकी वजह से कोरोना वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई है। कॉलेज प्रशासन ने अपील की है कि केवल गंभीर कोरोना मरीजों को ही रेफर किया जाए, जिससे की सही मरीजों का इलाज हो सके।

इलेक्टिव सर्जरी पर रोक, केवल गंभीर सर्जरी होंगे

बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इलेक्टिव सर्जरी पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। केवल गंभीर मरीजों की सर्जरी का फैसला लिया है। उसमें भी उन्हीं गंभीर मरीजों की सर्जरी होगी, जिनका बेहद जरूरी होगा।

जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सभी जूनियर डॉक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी है। बताया जाता है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है कि अचानक अगर मरीज बढ़ते हैं, तो उनके देखभाल के लिए जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी कॉलेज प्रशासन अपने अनुसार लगाएगा।

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हल्के सर्दी-जुकाम के मरीजों को भी कर दे रहे हैं रेफर
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बाहर से जो भी मरीज आ रहे हैं, उनमें कई ऐसे मरीज हैं, जिन्हें हल्का सर्दी जुकाम और बुखार है। लेकिन ऐसे मरीजों को भी लोग मेडिकल कॉले रेफर कर दे रहे हैं। जबकि ऐसे मरीजों का इलाज लेवल वन अस्पताल में हो सकता है।

इसकी वजह से अगर गंभीर मरीज आते हैं, तो उन्हें भर्ती करने में तमाम परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि केवल गंभीर मरीजों को बीआरडी में भेजेंगे, तो बेड भी खाली रहेंगे और सही समय पर गंभीर मरीजों का इलाज भी हो पाएगा।
 
 
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20 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी हो चुके हैं संक्रमित

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों समेत 20 से अधिक कर्मी कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। कॉलेज कैंपस को पहले ही रेड जोन घोषित किया जा चुका है। ऐसे में अब कॉलेज प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता है। यही वजह है कि कॉलेज प्रशासन ने यह फैसला लिया है कि केवल गंभीर मरीजों को अब भर्ती किया जाएगा। सामान्य मरीज भर्ती नहीं होंगे।

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि कोरोना वार्ड पूरी तरह से फुल हो गया है। वेंटीलेटर भी फुल हो चुके हैं। गोरखपुर और बस्ती मंडल का इकलौता कोविड-लेवल टू और थ्री का अस्पताल है। यहां केवल गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जाए, जिससे की गंभीर मरीजों का इलाज सही समय पर हो सके।
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