गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2009 बैच में दाखिला लेने वाले एक छात्र ने आखिरकार 17 साल बाद एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर ली है। एमबीबीएस पास करने के बाद अब छात्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में ही एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप करेगा।
कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद छात्र को गाइडलाइन के तहत मार्च महीने में अंतिम अवसर दिया गया था। अप्रैल में परीक्षा कराई गई थी।रिजल्ट में उसने परीक्षा पास कर ली है। हाल ही में परिणाम घोषित होने के बाद कॉलेज परिसर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्र एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र देव के अंडर में वह प्रशिक्षण प्राप्त करेगा।
डॉ. नरेंद्र देव ने कहा कि छात्र की रुचि और सीखने की क्षमता को देखते हुए उसे विभागीय कार्यों में शामिल किया जाएगा। इंटर्नशिप के दौरान वह अन्य जूनियर छात्रों के साथ अस्पताल की विभिन्न जिम्मेदारियां निभाएगा। कॉलेज से जुड़े लोगों के अनुसार छात्र अंतिम वर्ष में कई बार फेल हुआ लेकिन हार नहीं मानी। लगातार असफलताओं के बावजूद उसने पढ़ाई जारी रखी और पेपर देता रहा। आखिरकार वह सफल भी हो गया।
मेडिकल कॉलेज के कई शिक्षक और छात्र इसे संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल मान रहे हैं। डॉ. नरेंद्र देव ने बताया कि अब छात्र डॉक्टर बनने की अंतिम प्रक्रिया पूरी करते हुए अस्पताल में मरीजों की सेवा से जुड़ा अनुभव हासिल करेगा।