गोरखपुर। बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में सीनियरों की ओर से की जा रही रैगिंग की ईमेल के जरिये शिकायत के मामले में कॉलेज प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और सख्त कदम उठाए जाने की ओर कदम बढ़ा दिया है। हॉस्टलों में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। संदिग्ध सीनियर छात्रों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 12 सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति आरोप की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच करेगी। जांच को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी छात्र के पास कोई साक्ष्य हों तो वह उपलब्ध करा सकता है। उसका नाम पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि अगर आरोप सही पाए गए तो दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के तहत तीन महीने का निलंबन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले साल सात छात्रों को रैगिंग के आरोप में दोषी पाया गया था और उन्हें तीन महीने के लिए निलंबित किया गया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस वजह से रैगिंग की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है।