प्रदूषण बढ़ाने व वातावरण को दूषित करने वाले पटाखे इस बार कम बिकेंगे। दस नंबर बोरिंग और जुबिली स्कूल मैदान में पटाखों की दुकानें नहीं लगेंगी। इसी तरह कचहरी मैदान में भी 50 फीसदी ही दुकानें लगाई जा सकेंगी।
शहर में हर साल 13 स्थानों पर पटाखों की अस्थायी दुकानें लगती हैं, मगर इस बार दस नंबर बोरिंग और जुबिली इंटर कॉलेज मैदान में दुकानें लगाने पर आपत्ति की गई है। लिहाजा, जिला प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। जानकारी के मुताबिक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) ने अपनी रिपोर्ट में घनी आबादी की वजह से 10 नंबर बोरिंग में पटाखे की दुकानें लगाने पर दुर्घटना की आशंका जताई है।
जुबिली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने कहा है कि परिसर में बहुत से छोटे-छोटे पौधे लगाए गए हैं। दुकानें लगने से भीड़ लगती है। इससे पौधों को नुकसान हो सकता है। गिरधरगंज प्राथमिक विद्यालय के पास लगने वाली दुकानों पर भी इस बार संशय है। पहले आगजनी की घटना के बाद प्रशासन दुकानें लगाने के लिए अनुमति नहीं देने पर विचार कर रहा है।