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गोरखपुर: जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट पर एफआईआर, जानिए सात साल पहले अधिवक्ता ने क्यों की थी शिकायत

Sun, 01 Nov 2020 11:35 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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आय से अधिक संपत्ति मिलने पर गोरखपुर जिला अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट सर्वेश राम त्रिपाठी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शनिवार देर रात विजिलेंस इंस्पेक्टर की तहरीर पर कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया। मामले की जांच सात साल तक चली और आरोप सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

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जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा इलाके के सोनबरसा निवासी सर्वेश राम त्रिपाठी जिला अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं। साल 2013 में अधिवक्ता उमेश धर द्विवेदी ने इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि सर्वेश ने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।

शिकायत पर गोरखपुर विजिलेंस की टीम ने जांच की तो पता चला कि वर्ष 2007 से 2013 के बीच सर्वेश ने कुल 33.83 लाख की संपत्ति अर्जित की जो वैध आय से अधिक है। इस बारे में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसकी रिपोर्ट एसपी विजिलेंस ने शासन को भेजी थी।

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विजिलेंस भी करेगी मुकदमे की विवेचना

कार्रवाई की अनुमति मिलने के बाद मामले की जांच कर रहे विजिलेंस इंस्पेक्टर चंद्रेश यादव ने कोतवाली थाने में सर्वेश के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। इस संबंध में पक्ष जानने के लिए सर्वेश राम त्रिपाठी से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद होने की वजह से बात नहीं हो पाई। जब भी उनका पक्ष मिलेगा प्रकाशित किया जाएगा।
 
कोतवाली थाने में तहरीर के आधार पर केस दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे प्रकरण की विवेचना करेगी ही, लेकिन शासन से विजिलेंस को भी विवेचना की अनुमति मिली है। विजिलेंस अपनी जांच के आधार पर साक्ष्य को जुटाएगी और जरूरत पड़ने पर कोतवाली पुलिस को उपलब्ध कराएगी।
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