गोरखपुर। नौका विहार, तारामंडल में मंगलवार शाम गंगा समग्र, गोरक्ष प्रांत की ओर से महाआरती व दीपोत्सव का आयोजन किया गया। शाम छह बजे महाआरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद 1,111 दीप प्रज्वलित किए गए तो नौका विहार का पूरा परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। आयोजन में 1,300 से अधिक श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, महिलाएं और आम नागरिक शामिल हुए।
गंगा समग्र, गोरक्ष प्रांत के संयोजक राजकिशोर मिश्रा ने कहा कि गंगा भारतीय संस्कृति, आस्था और जीवन परंपरा की आधार धारा हैं। गंगा के प्रति श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी समाज को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि 1,111 दीप जलाने का उद्देश्य लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जागरूक करना है।
सह संयोजक डॉ. चंद्रभूषण तिवारी ने कहा कि गंगा की स्वच्छता के लिए लोगों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा। नदियों और जल स्रोतों में प्लास्टिक व कचरा नहीं डालना चाहिए। डॉ. पवन कुमार पाण्डेय ने कहा कि 1,111 दीप जनजागरण, पर्यावरण चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रतीक हैं। युवा पीढ़ी को जल और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना जरूरी है।
कार्यक्रम में मृदुला मिश्रा के गंगा गीत ने वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। संचालन दिनेश पांडेय और दुर्गा प्रसाद ने किया। संयोजन विनोद माथुर ने किया। दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने आयोजन में सहयोग किया।