- जमीन संबंधी मुकदमे की पैरवी करने एडीएम कोर्ट पहुंचा था मैनेजर
- सुखदेव सिंह मजीठिया की तहरीर पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई
- एक देवरिया का भी आरोपी शामिल
गोरखपुर। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में चल रहे जमीन संबंधी मुकदमे की पैरवी करने पहुंचे मैनेजर को घेरकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कैंट पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि मैनेजर पर मुकदमे की पैरवी छोड़ने का दबाव बनाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के सरैया निवासी सुखदेव सिंह मजीठिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके चाचा स्व. दिलीप सिंह मजीठिया की सदर तहसील क्षेत्र के महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-दो में विभिन्न आराजी में भूमिधरी की जमीन है। इन जमीनों की देखभाल की जिम्मेदारी उनके पास है। जमीन से संबंधित मुकदमे सदर तहसील के विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं।
तहरीर के मुताबिक, 18 सितंबर को पुनर्वास बनाम दिलीप मामले की तारीख अपर जिलाधिकारी सदर, गोरखपुर के न्यायालय में लगी थी। मुकदमे की पैरवी के लिए सुखदेव सिंह ने अपने मैनेजर सरदारनगर के सरैया निवासी अखिलेश चंद यादव को भेजा था। आरोप है कि दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच मैनेजर न्यायालय परिसर में पैरवी के लिए पहुंचा था।
सुखदेव सिंह का आरोप है कि इसी दौरान देवरिया के भाटपार रानी निवासी नितीश तिवारी उर्फ सोनू तिवारी वर्तमान पता रानीडीहा, बिहार के गोपालगंज राजापुर टोला बंजरिया निवासी सुशांत चौबे, वर्तमान पता दिव्यनगर, कैंट और राजेंद्र की पत्नी गंगा देवी, सर्वेश की पत्नी सरस्वती देवी, प्रवेश की पत्नी कौशल्या देवी, सनी देवी उर्फ धीरज साहनी समेत चार-पांच अन्य लोगों ने उनके मैनेजर को घेर लिया और मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी और मुकदमे की पैरवी छोड़ने को कहा।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जिस मुकदमे और जमीन को लेकर विवाद हुआ, उसमें आरोपी लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद उनके मैनेजर को मुकदमे की पैरवी से दूर रहने के लिए धमकाया गया। तहरीर के अनुसार, मैनेजर किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।