गोरखपुर में बुधवार को स्कूल प्रबंधक राजा यादव ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बताया जा रहा है कि डिप्रेशन की वजह से घरवाले उन्हें अकेला नहीं छोड़ते थे। मौका मिलते ही उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया कि घरवालों के सामने पछताने के अलावा कुछ नहीं बचा।
किसी को नहीं पता था कि चंद मिनटों पहले तो हंस कर घर के लोगों के साथ खाना खाने वाला राजा यादव अचानक अलमारी तोड़कर बंदूक निकालेंगे और खुद को गोली मार लेंगे। पिता कहते हैं कि उसे कभी अकेला नहीं छोड़ते थे। डॉक्टर ने भी कहा था इस वजह से इस बात का ज्यादा ध्यान देते थे। फिर भी मौका पाकर उसने खुदकुशी कर ली।
जानकारी के मुताबिक राजा ने कई दोस्तों और रिश्तेदारों की आर्थिक मदद भी की थी। इन रुपयों की वापसी को लेकर कुछ परेशान होते थे मगर इतना भी नहीं कि आत्मघाती कदम उठा लें। वह कौन सी वजह थी जिसने राजा को डिप्रेशन में डाला यह घरवाले भी नहीं बता पा रहे हैं। उनका सिर्फ यही कहना है कि डिप्रेशन में होने की जानकारी होने के बाद से ही उनका लखनऊ में उपचार चल रहा था। और कभी उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाता था।