तीन साल में हुए बड़े आपराधिक घटनाओं के आधार पर पुलिस ने ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं। इसके तहत जिले में 1,467 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी मदद से उस जगह पर आने जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस की तीसरी नजर रहेगी। निगरानी एडीजी जोन अखिल कुमार कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, गिरोहबंद अपराधियों पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने जिले को सीसीटीवी कैमरे की जद में लाकर अपराध मुक्त करने की मुहिम शुरू की है। एडीजी अखिल कुमार इसके लिए प्रतिष्ठित लोगों की मदद से कैमरे लगवा रहे हैं।
मैपिंग के तहत शहर में 1,000 कैमरों की जरूरत है। दक्षिणी क्षेत्र में 154 व उत्तरी इलाके में 313 कैमरों की जरूरत है। इसके तहत ही काम किया जा रहा है। शहर क्षेत्र में तकरीबन लोगों के सहयोग से कैमरे का बजट मिल गया। इसे लगाने का काम भी शुरू हो गया है।
पिछले तीन वर्षों में लूट, हत्या, छिनैती, टप्पेबाजी की सर्वाधिक घटनाएं हुई हैं। इसके लिए जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में तीन वर्ष के भीतर हुए गंभीर अपराधों की गूगल मैपिंग कराई गई हैं। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधीक्षकों से कैमरों की जरूरत पूछी गई है। सर्वाधिक मांग पुलिस अधीक्षक नगर ने की है। उन्होंने कहा कि शहर में 1,000 कैमरे और लग जाएं तो सभी संवेदनशील स्थल पूरी तरह से कैमरे की नजर में होंगे।
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि तीन साल में हुए अपराध के हिसाब से घटनाओं के ब्लैक स्पॉट की गूगल मैपिंग करा ली गई है। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। जन सहयोग की मदद से कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही इन इलाकों के कितने घरों-दुकानों के बाहर कैमरे हैं, उसकी भी मैपिंग कराई जाएगी। हर जगह कैमरे होंगे तो अपराध पर अंकुश लगेगा और अगर कोई करता है तो उसकी गिरफ्तारी और सजा दिलाने में आसानी होगी।