गोरखपुर। चुनावी तैयारियों के बीच भाजपा ने पूर्वांचल में अपनी नई क्षेत्रीय टीम का गठन कर संगठन में सामाजिक समीकरण को साधने का प्रयास किया है। बृहस्पतिवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की स्वीकृति के बाद घोषित 39 सदस्यीय क्षेत्रीय टीम में सबसे अधिक 10 ब्राह्मण चेहरों को जगह मिली है। चार कायस्थ नेताओं को भी टीम में प्रतिनिधित्व मिला है जबकि पिछड़े वर्ग से आने वाले नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पूर्वांचल की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए भाजपा की नई क्षेत्रीय टीम में अलग-अलग सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। क्षेत्रीय महामंत्री के चार पदों में से दो पर कायस्थ नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। पिछली टीम के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिन्हा को महामंत्री बनाया गया है। पूर्व महानगर अध्यक्ष और वर्तमान प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल श्रीवास्तव को भी महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी रहे डॉ. बच्चा पांडेय को भी महामंत्री बनाया गया है। वहीं, पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े भास्कर निषाद को महामंत्री की जिम्मेदारी दी है। कुल मिलाकर नई टीम में अनुभव, संगठनात्मक सक्रियता, सामाजिक प्रतिनिधित्व और नए चेहरों के बीच संतुलन साधने की कोशिश की गई है। क्षेत्रीय टीम की घोषणा के बाद अब क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी, क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी तथा क्षेत्रीय आईटी और सोशल मीडिया टीम की घोषणा होना बाकी है।
पुराने चेहरों पर भरोसा, युवाओं को भी जगह
नई क्षेत्रीय टीम में संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता को भी महत्व दिया गया है। गोरखपुर से आठ कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी बनाया गया है। पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह और पूर्व महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने पुराने संगठनात्मक अनुभव पर भरोसा जताया है। किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रहे राधेश्याम पांडेय को मुख्य संगठन में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत राय बड़े को भी क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इससे संगठन में अनुभवी चेहरों के साथ युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति भी नजर आती है।
कई सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व
क्षेत्रीय टीम में वैश्य, सैंथवार, कुशवाहा, बेलदार, कुर्मी, अग्रहरी और भूमिहार समाज को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा के लिए पूर्वांचल में अलग-अलग सामाजिक समूहों का समर्थन चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में नई टीम में विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर पार्टी ने संगठन की सामाजिक पहुंच व्यापक करने का प्रयास किया है। हालांकि, 39 सदस्यीय टीम में यादव समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। महिलाओं की भागीदारी भी सीमित रही है। नई टीम में केवल दो महिलाओं को जगह मिली है। सुनीता अग्रहरी को क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है जबकि नेहामणि आर्य को कार्यसमिति सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है।
जिलों को मिला प्रतिनिधित्व
क्षेत्रीय टीम में गोरखपुर के आठ लोगों को पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा कुशीनगर के राधेश्याम पांडेय को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। संतकबीरनगर के संजीव राय और रणजीत राय को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। महराजगंज के कृष्ण गोपाल जायसवाल को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। कुशीनगर के पूर्व जिलाध्यक्ष जयप्रकाश शाही को भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। सिद्धार्थनगर के राजेंद्र प्रताप पांडेय को उपाध्यक्ष बनाया गया है। आजमगढ़ के भास्कर निषाद और कुशीनगर के डॉ. बच्चा पांडेय को क्षेत्रीय महामंत्री बनाया गया है। बस्ती के राजेश पाल चौधरी और सिद्धार्थनगर के कन्हैया पासवान को क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. बब्बू प्रसाद बेलदार, वैभव पांडेय और सुनीता अग्रहरी को भी क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है।