छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता व बड़हलगंज के सरया खास निवासी जितेंद्र पाल की हत्या के बाद पत्नी उर्मिला परिजनों के साथ रविवार को रवाना हो गई। वहीं, सामने आया है कि इसके पहले उनके बड़े भाई की भी छत्तीसगढ़ में हत्या हुई थी। आरोप है कि उन्हीं लोगों ने ही जितेंद्र की हत्या की है। गांव में हत्या से लोग दुखी हैं। उनका कहना है कि जितेंद्र पाल का गांव से गहरा लगाव था।
जानकारी के मुताबिक, दशकों पूर्व जितेंद्र के पिता छत्तीसगढ़ बस गए। उनके पिता बालकिशुन पाल मध्यप्रदेश के सीमेंट कारखाने में नौकरी करते थे। बाद में वे कुंदरू में घर बनवाकर रहने लगे। आगे चलकर एक बिहारी के परिवार से दुश्मनी हुई, जिसमें बड़े चाचा की निर्मम हत्या हो गई।
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अब जितेंद्र की भी हत्या हो गई। जितेंद्र वहां भाजपा के बड़े नेता थे और चुनाव भी लड़ना चाहते थे। कुछ लोगों से राजनीतिक दुश्मनी होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने बताया कि जितेंद्र का गांव से काफी लगाव था और अक्सर गांव आते रहते थे।
अभी कुछ माह पहले अपनी पत्नी उर्मिला के साथ गांव आए थे। जितेंद्र तो चले गए पर उर्मिला यहीं रह गईं। अब उनकी मौत की खबर आई। जिसके बाद पत्नी उर्मिला, जितेंद्र के चाचा जवाहर पाल आदि छत्तीसगढ़ रवाना हो गए। जितेंद्र के एक पुत्र व दो पुत्रियां हैं। बड़ी बेटी उषा की शादी हो गई है।
छोटी बेटी अविवाहित है, जो लखनऊ से शिक्षा ग्रहण कर रही है। इकलौता पुत्र आयुष उनके साथ रहता था जो अचानक हुए हमले में पिता का बचाव करते हुए घायल है। मृतक की भतीजी के अनुसार जितेंद्र का अंतिम संस्कार छत्तीसगढ़ में ही होगा।