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सांसद-सभासद विवाद के मुद्दे पर दो गुटों में बंटी भाजपा, कई लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

Mon, 23 Nov 2020 03:41 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, देवरिया।

सार

  • सांसद ने राजनीतिक साजिश दिया करार
  • भाजपा सभासद पर कई लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

 
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बाएं सांसद रमापति राम त्रिपाठी और दाएं सभासद आशुतोष तिवारी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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देवरिया जिला पंचायत कैंपस स्थित सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी के आवास पर ठेकेदार एवं सभासद के बीच हुई कहासुनी के बाद सभासद की पिटाई के मामले में भाजपा दो गुटों में बंट गई है। एक गुट अंदरूनी तौर पर सभासद की मदद कर रहा है। रविवार को जहां सभासद ने एसपी को प्रार्थना पत्र सौंपा, वहीं सदर सांसद रमापति राम त्रिपाठी ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है।

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आरोप है कि 19 नवंबर की रात साढ़े दस बजे सांसद एवं भाजपा सभासद के बीच टाउनहाल प्रेक्षागृह का नाम रखने के प्रकरण को लेकर कहासुनी हो गई। इस दौरान एक ठेकेदार ने पिस्टल निकाल लिया और कई लोगों ने मिलकर सभासद की पिटाई की।

राघवनगर वार्ड नंबर-17 के सभासद आशुतोष तिवारी  एसपी से मिलने तहरीर लेकर गए, लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने कैंप आफिस पर अपना प्रार्थना पत्र देकर लौट आए। अमर उजाला में सांसद और सभासद के बीच कहासुनी मारपीट की खबर प्रकाशित होने के बाद सांसद के आवास पर कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई।
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पूरे मामले को तूल देने में लिप्त संगठन के एक पूर्व पदाधिकारी भी पहुंचे। उन्होंने सभासद के बारे में कुछ बोला तो सांसद ने डांटकर चुप करा दिया। सच्चाई क्या है यह तो जांच में ही पता चलेगा, लेकिन इस घटना से सांसद आहत हैं। उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। सिर्फ इतना ही कहा कि राजनीतिक साजिश की बू इस घटना में आ रही है।  

 

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यह है विवाद का पूरा मामला

20 दिसंबर 2019 को नगरपालिका की बोर्ड बैठक में टाउनहाल स्थित प्रेक्षागृह का नाम पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव सभासद आशुतोष तिवारी ने रखा था। जिसे नगरपालिका बोर्ड ने पास कर दिया।

कमिश्नर ने भी संस्तृति प्रदान कर दी। सितंबर 2020 को अज्ञात लोगों ने पूर्व सांसद स्व. मोहन सिंह की मूर्ति स्थापित कर दी। प्रेक्षागृह में उनका नाम लिख दिया गया। 19 नवंबर को रात साढ़े दस बजे जिला पंचायत परिसर में सदर सांसद के आवास पर मूर्ति प्रकरण को लेकर ठेकेदार गिरीश सिंह मुन्ना और सभासद के बीच धक्का-मुक्की हुई।

आरोप है कि उन्होंने पिस्टल निकालकर धमकी दी और भाग जाने को कहा। सभासद का कहना है कि सांसद ने भी उनसे मारपीट की। जबकि सांसद ने ऐसी घटना से इनकार किया है।
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