कब्जे को हटाती नगर निगम की टीम।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दिवाली के दिन नगर निगम के कान्हा उपवन की जमीन पर फिर कब्जे की कोशिश हुई। कुछ लोगों ने दिवाली के दिन कान्हा उपवन के पिछले हिस्से में दीवार चलानी शुरू कर दी। जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त मौके पर पहुंचे और नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम और राजस्व टीम की मदद से अवैध निर्माण ध्वस्त करा दिया। इस बार भी अवैध निर्माण कराए जाने के आरोप नगर निगम के भाजपा पार्षद रामभुआल कुशवाहा पर लगे हैं।
महेवा वार्ड में नगर निगम की जमीन पर पशुबाड़ा 'कान्हा उपवन' बनाया गया है। दिवाली के दिन शनिवार को कुछ लोगों ने कान्हा उपवन के पिछले हिस्से की खाली जमीन को अपना बनाते हुए दीवार चलानी शुरू कर दी। कान्हा उपवन जमीन पर इससे पहले भी कब्जे की कोशिश हो चुकी है। तब महेवा वार्ड के पार्षद रामभुआल कुशवाहा पर आरोप लगे थे। मामला कोर्ट में भी गया। इस बीच नगर निगम की राजस्व टीम ने सीमांकन कर जमीन खुद की बताई तब जेसीबी से निर्माण को गिरा दिया गया था।
छह करोड़ से ज्यादा की है यह जमीन
अगर बाजार मूल्य के हिसाब से देखा जाए तो इस जमीन की कीमत छह करोड़ रुपये के आसपास है। इसी वजह से इस जमीन पर अवैध कब्जे की लगातार कोशिश की जा रही है। यहां नगर निगम की तकरीबन 96 डिस्मिल जमीन है।
भाजपा पार्षद महेवा रामभुआल कुशवाहा ने बताया कि अगर नगर निगम की जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप मुझ पर लगाया जा रहा है, तो यह मेरे विरोधियों की साजिश है। मामला कोर्ट में है, जिसका एक पक्ष मैं हूं। कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे का उल्लंघन कैसे किया जा सकता है?
उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला ने बताया कि कान्हा उपवन के पिछले हिस्से में निर्माण की शिकायत मिलने के बाद नगर आयुक्त खुद मौके पर पहुंचे थे। अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया। मामला कोर्ट में है। सभी पक्षों को कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।