गोरखनाथ थाने में ले जाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि सभी श्रावस्ती से जनता दर्शन में सीएम से मिलने आए थे, लेकिन कारतूस के बारे में जानकारी नहीं दे पा रहे थे। अभी कुछ दिन पहले ही गोरखनाथ मंदिर के गेट पर जांच के दौरान एक बैग से तमंचा भी मिला था और फिर कारतूस मिलने की वजह से पुलिस ने गहनता से जांच की। सभी के बारे में श्रावस्ती पुलिस से संपर्क कर आपराधिक इतिहास की जानकारी ली गई तो किसी के खिलाफ कोई गंभीर मामला सामने नहीं आया।
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जांच और एलआईयू की रिपोर्ट के बाद एसएसपी ने भी पूछताछ की थी। जांच में सिर्फ कारतूस रखने का दोषी पाए जाने पर पुलिस ने भाजपा नेता के भाई को आरोपी बनाते हुए कार्रवाई की।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि कार के डैश बोर्ड से कारतूस मिलने के बाद गहनता से जांच की गई। जांच में सिर्फ कार मालिक को दोषी पाया गया। इस वजह से मृत माता प्रसाद के भाई विभूति प्रसाद पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अन्य चार लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।