सराफा बाजार में पिछले दिनों फर्जी हॉलमार्किंग का मामला सामने आया था। इस मामले में एक सराफा व्यापारी को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद पुलिस अब जांच कर रही है कि आखिर नकली सोने के गहनों पर हालमार्क कहां लगाया गया था?
इसमें सहयोग के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की टीम भी गोरखपुर आ सकती है। उनके विधि वैज्ञानिक जब्त किए गए आभूषणों पर हॉलमार्क की जांच करेंगे। मामले में सराफा बाजार के चार हॉलमार्किंग सेंटरों के संचालकों का बयान पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
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सराफा बाजार के व्यापारियों के अनुसार, बीआईएस की टीम पंजीकृत हॉलमार्क वालों की ही जांच करेगी। ऐसे में फर्जी हॉलमार्क कहां लगा था ये पता चल पाने की संभावना थोड़ी कम है। क्योंकि बाजार में पिछले दस वर्षों में कई ऐसे व्यापारी आ चुके हैं, जो खुद अपने पास हॉलमार्क (पेस्टिंग) मशीन रखे हैं।
इसकी जानकारी इन्होंने बीआईएस को भी नहीं दी है। दुकान से ही चोरी छिपकर हॉलमार्किंग कर आभूषण बेच रहे हैं। इन्हीं के सहारे अमर जौहरी जैसे व्यापारी सोने-चांदी के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क का काम करते हैं। विवेचक संतोष सिंह ने बताया कि इस मामले में बीआईएस को पत्र लिखा गया है। टीम के परीक्षण और रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।