मुर्गियों के सैंपल लिए गए। (फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बर्ड फ्लू के खतरे के बीच एक माह के दौरान भेजे गए पक्षियों के 154 नमूने की रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि राहत की बात ये है कि अब तक जिले के विभिन्न स्थानों पर जितने भी पक्षी मरे हैं, उनमें से किसी में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में सभी की मौत की वजह ठंड बताया गया है।
बर्ड फ्लू पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डीएम आशुतोष निरंजन ने पशुपालन, वन, पंचायती राज, सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रैपिड रिस्पांस टीम का भी गठन किया गया है। डीएम ने पशुपालन और वन विभाग को आपसी तालमेल से बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चंदो ताल तथा पचवस में बड़े तालाब हैं, जहां विदेशी पक्षी आते हैं। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
उनकी बीट को जांच के लिए भेजा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बर्ड फ्लू की रोकथाम एवं बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा हैं। हाल के दिनों में टिनिच, बनकटी और छावनी में एक दर्जन से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।
बर्ड फ्लू के सामान्य लक्षण
बहुत अधिक संख्या में पक्षियों का कम समय में मर जाना, सुस्त हो जाना, आहार में अरुचि, पंखों का अचानक गिरना, अंडा उत्पादन में कमी, सांस लेने में कठिनाई, सिर तथा लोलक का नीला पड़ना, टांगों पर खून के चकते। घरघराहट की आवाज, नाक या मुंह से पानी निकलना आदि है।
कंटोल रूम में दें सूचना
बर्ड फ्लू की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। यहां कोई भी सूचना दे सकता है। पशुपालन विभाग, स्थानीय पशु चिकित्सालय, कंट्रोल रूम के फोन नंबर 9415278493 पर सूचित करें। बर्ड फ्लू से संबंधित सूचना प्रभागीय वन अधिकारी 7839435128, डीपीआरओ 7599396160 को भी दी जा सकती है।
डीएफओ नवीन शाक्य ने कहा कि चंदो ताल समेत जिले के अलग-अलग हिस्सों से करीब डेढ़ सौ पक्षियों के नमूने जांच के लिए बरेली और भोपाल प्रयोगशाला भेजे गए हैं। अब तक रिपोर्ट नहीं मिली है। फिलहाल बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए एहतियात बरता जा रहा है।