रेलवे ने अब डबल डेकर कोचों में बायो टायलेट लगाना शुरू किया है। कोचों की बनावट के चलते यह काम बहुत ही मुश्किल था लेकिन गोरखपुर यांत्रिक कारखाना में पहली बार डबल डेकर कोच में सफलतापूर्वक बायो टायलेट स्थापित किए है। डबल डेकर एलएचबी रेक के कुल 14 कोचों में बायो टायलेट की फिटिंग के लिए आवश्यक संषोधन किए गए हैं और अभी तक 5 बायो टायलेट इस डबल डेकर कोच में लगाये जा चुके हैं, शेष नौ डबल डेकर कोचों में बायो टायलेट शीघ्र ही लगा दिए जाएंगे।
यांत्रिक कारखाना में डबल डेकर कोचों में बायो टायलेट लगाने के लिए तकनीकी परिवर्तन भी किए गए हैं। मसलन, डबल डेकर कोचों में बायो टायलेट का भार वहन करने के लिए सेकेंड्री सस्पेंशन में लगे 120 केएन क्षमता के एयर स्प्रिंग के स्थान पर 160 केएन क्षमता के एयर स्प्रिंग लगाए गए हैं। बायो टायलेट टैंक के लिए स्थान की उपलब्धता के लिए अन्य उपकरणों को लगाया गया है।
हमसफर एक्सप्रेस में लगे आधुनिक बायो वैक्यूम टायलेट
पूर्वोत्तर रेलवे में अब कोचों में हाईब्रिड बायो टायलेट लगाए जा रहे हैं। 23 कोचों में बायो टायलेट लगाए जाने का कार्य चल रहा है। इसके बाद पूर्वोत्तर रेलवे पर शत-प्रतिशत कोच बायो टायलेट युक्त हो जाएंगे। प्रायोगिक तौर पर हमसफर रेक में आधुनिक बायो वैक्यूम टायलेट लगाया गया है।