पांच मोबाइल नंबर सेव रहेंगे
डिवाइस में पांच मोबाइल नंबर सेव होंगे। यह नंबर घरवालों और परिचितों के हो सकते हैं। दुघर्टना होने पर इन्हीं मोबाइल नंबरों पर अलर्ट का मैसेज व लाइव लोकेशन लिंक के एक साथ जाएगा।
डिवाइस ऐसे करेगी काम
इस तकनीक के तहत दोनों चिप इंजन के स्टार्ट होते ही रेडियो फ्रिक्वेंसी के माध्यम से कनेक्ट हो जाएंगे। हेलमेट में लगा चिप तेज टकराहट होते ही इंजन को पहले बंद कर देगा। हेलमेट में जीपीएस डिवाइस लगी है, जिससे वह लोकेशन को मोबाइल नंबर पर भेजेगा। जब तक बैटरी काम करेगी, बाइक में लगा सायरन बजता रहेगा। इससे आसपास के लोगों को भी हादसे की जानकारी हो सकेगी।
ऐसे मिली प्रेरणा
शिवांश बताते हैं, 2019 की बात है। बस से लखनऊ जा रहा था, बस्ती के पास सड़क हादसा हो गया था। बाइक सवार एक व्यक्ति व एक महिला घायल होकर गिरे थे, सड़क पर खून पसरा था। मैंने, बस में से ही पुलिस कंट्रोल को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंचने की जगह बार-बार मुझे फोन करके हादसे की वास्तविक जगह, गांव आदि पूछ रही थी। पता नहीं घायल बचे की नहीं, रात भर सो नहीं सका। इस घटना से मुझे ऐसी डिवाइस बनाने की प्ररेणा मिली।