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Gorakhpur News: भटहट के डॉक्टर को पुलिस ने छोड़ा, अब बनेंगे गवाह

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इंश्योरेंस ठगी : डिसेंट अस्पताल में पूर्व तैनात डॉक्टर के खिलाफ नहीं मिले साक्ष्य
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अमर उजाला ब्यूरो

गोरखपुर। कागज में फर्जी मरीज दिखाकर इंश्योरेंस ठगी के मामले की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस को डिसेंट अस्पताल में पूर्व में तैनात रह चुके और फिलहाल भटहट में क्लीनिक चला रहे डॉक्टर से पूछताछ में ऐसे तथ्य मिले हैं जिसके जरिये इस फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगी हैं। पुलिस ने शनिवार को इस डॉक्टर को हिरासत में लिया था। उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर रविवार को छोड़ दिया। पुलिस अब डॉक्टर को मुख्य गवाह बनाने की तैयारी में है।
जांच के तहत पुलिस पिछले कई दिनों से शहर के चार अस्पतालों के कर्मचारियों, चिकित्सकों और प्रबंधन से पूछताछ कर रही थी। इसी दौरान डिसेंट अस्पताल में पहले तैनात रह चुके एक डॉक्टर को बुलाकर विस्तृत पूछताछ की गई। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के इलाज, बिलिंग और दस्तावेजों को लेकर लगातार बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की जाती थीं।
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डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि कई बार मरीजों की सामान्य स्थिति को गंभीर बताकर भर्ती दिखाया जाता था। बिल बढ़ाने के लिए फर्जी उपचार दर्ज किए जाते थे और मशीनों की रिपोर्ट में हेरफेर की जाती थी। डॉक्टर के बयान के अनुसार, इलाज की अवधि भी अनावश्यक रूप से बढ़ाई जाती थी ताकि बीमा राशि की अधिकतम रिकवरी की जा सके। पुलिस ने इन बयानों को अत्यंत महत्वपूर्ण मानते हुए उन्हें केस का प्रमुख गवाह मानने का निर्णय लिया है।
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वर्जन
पुलिस अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेज, रोगी रजिस्टर और डिजिटल प्रविष्टियों का मिलान कर रही है। डॉक्टर की ओर से बताए गए तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संबंधित लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है।
- योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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