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Gorakhpur News: चिड़ियाघर में पटौदी का साथ देंगे भरत और गौरी

Fri, 24 May 2024 04:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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इटावा से आ रहे दो बब्बर शेर, लाने पहुंची चिड़ियाघर की टीम

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। इटावा सफारी से दो बब्बर शेर भरत और गौरी जल्द ही शहीद अशफाक उल्लाह प्राणि उद्यान के बब्बर शेर पटौदी का साथ देते नजर आएंगे। चिड़ियाघर की टीम बृहस्पतिवार को इन्हें इटावा से लेकर चल चुकी है। शुक्रवार सुबह तक उनके गोरखपुर पहुंचने की उम्मीद है। आने के बाद इनको 10 से 14 दिनों के लिए क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद दर्शकों के देखने के लिए बाड़े में छोड़ा जाएगा।

प्राणि उद्यान में बने शेर के बाड़े में अभी केवल नर बब्बर शेर पटौदी ही है। चिड़ियाघर प्रशासन पिछले काफी दिनों से बब्बर शेरों को लाने के लिए प्रयासरत था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर 2018 में ही सक्करबाग प्राणि उद्यान से गोरखपुर प्राणि उद्यान के लिए सात बब्बर शेर लाए गए थे।
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इन्हें इटावा सफारी पार्क में रखा गया था। लाए गए सात शेरों में से फरवरी 2021 में दो बब्बर शेर मरियम और पटौदी को प्राणि उद्यान गोरखपुर पहुंचाया गया। उम्र अधिक होने की वजह से मरियम शेरनी की पिछले दिनों मौत हो गई। इसके बाद शेर का बाड़ा सूना हो गया था।
10 सदस्यीय टीम लेने पहुंची
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव संजय श्रीवास्तव के निर्देश पर इटावा में रखे गए शेरों में से दो को प्राणि उद्यान में लाने की कवायद शुरू की गई। पत्राचार के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति प्राप्त हुई। इसके बाद प्राणि उद्यान के निदेशक विकास यादव के निर्देश पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम दो ट्रकों और अन्य वाहन के साथ बुधवार को इटावा के लिए प्रस्थान कर गई।
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ट्रक में लगाए गए पंखे
दोनों बब्बर शेरों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए ट्रक में कई तरह के प्रबंध किए गए हैं। खस की चटाई बिछाने के साथ ही उसमें पंखे लगाए गए हैं। गर्मी से बचाने के लिए ही उन्हें रात में लेकर आया जा रहा है। ट्रक में उनके खाने-पीने की उचित व्यवस्था की गई है। डॉ. योगेश ने बताया कि लाए जाने वाले बब्बर शेरों में नर बब्बर शेर भरत की उम्र लगभग पांच वर्ष और शेरनी गौरी की उम्र लगभग सात वर्ष है। डॉ. योगेश ने बताया कि दोनों बब्बर शेर पूरी तरह स्वस्थ हैं। इनका व्यवहार भी काफी अच्छा है। पूरी सावधानी के साथ इटावा सफारी पार्क से गोरखपुर लाया जा रहा है। क्वारंटीन की अवधि तक शेरों को उनके नाइट सेल में ही रखा जाएगा। इसके बाद इन्हें इनके बाड़े में खुला छोड़ा जाएगा, जहां पर दर्शक इनको देख सकेंगे।
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