कोरोना की तीसरी लहर में जिले की रिकवरी दर सबसे अच्छी रही है। मात्र दो माह के अंदर ही 93 प्रतिशत से ज्यादा लोग कोरोना को मात दे दिए। इसकी वजह से पॉजिटिव रेट 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गया है। तीसरी लहर में 3,31,770 लोगों की कोरोना जांच के लिए नमूने लिए गए। इसमें महज 7,195 लोग ही संक्रमित हुए। जबकि, 87 लोगों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी। नौ लोगों की मौत हुई, जिसका प्रतिशत 0.12 रहा।
जानकारी के मुताबिक, तीसरी लहर में विशेषज्ञों ने ज्यादा संक्रमण की बात ही थी, लेकिन ये बातें जिले में निराधार साबित हुईं। अच्छी बात यह रही है कि इसका असर बच्चों पर नहीं पड़ा। तीसरी लहर मात्र दो माह के अंदर ही खत्म हो गई। पिछले साल 25 दिसंबर को ही पहला संक्रमित मिला था। सबसे अधिक केस जनवरी माह में 476 मिले थे।
इसके बाद से संक्रमण की रफ्तार कम होती गई। फरवरी के अंत तक केस का आंकड़ा 10 के आसपास पहुंच गया है। सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर बेहद कमजोर थी। इसकी वजह कोरोना टीकाकरण रही है।
दिसंबर के पहले 60 प्रतिशत लोग पहली डोज लगवा चुके थे। ऐसे में कोरोना संक्रमण लोगों को असर नहीं कर सका। बच्चे भी बेहद कम संक्रमित हुए। अच्छी बात यह रही है कि जो बच्चे संक्रमित हुए वे जल्दी स्वस्थ हो गए। उन्हें अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी।