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Gorakhpur News:सतर्क रहें, ये खबर आपके लिए-असम और झारखंड में बैठे जालसाज कर रहे ठगी

Thu, 08 Aug 2024 11:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

शहर में डिजिटल अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक पांच मामले आए हैं, जिसमें से तीन मामलों में साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है। साइबर अपराध की पुलिस ने शिकायतकर्ता से मिले नंबरों को खंगाला तो वे नंबर झारखंड और असम के निकले।
यानी दूसरे राज्यों में बैठकर जालसाज घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब इनसे निपटने के लिए दूसरे राज्यों की पुलिस से मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके पहले जालसाजों को चिह्नित कर रही है।
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Cyber Alert - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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शहर में डिजिटल अपराध के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब तक पांच मामले आए हैं, जिसमें से तीन मामलों में साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है। साइबर अपराध की पुलिस ने शिकायतकर्ता से मिले नंबरों को खंगाला तो वे नंबर झारखंड और असम के निकले।
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यानी दूसरे राज्यों में बैठकर जालसाज घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब इनसे निपटने के लिए दूसरे राज्यों की पुलिस से मदद लेने की तैयारी कर रही है। इसके पहले जालसाजों को चिह्नित कर रही है।

Cyber Alert - फोटो : FREEPIK
कानून की भाषा में डिजिटल अरेस्ट का जिक्र ही नहीं
डिजिटल अरेस्ट को लेकर अमर उजाला से बात करते हुए एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि कानून की भाषा में कहीं भी डिजिटल अरेस्ट का का जिक्र ही नहीं है। किसी को भी जालसाजों की बातों में आने की जरूरत नहीं है।

कभी भी पुलिस आरोपी को फोन कर जांच नहीं करती। जब भी किसी वारदात में किसी का भी नाम आता है तो पुलिस घर पहुंचकर जांच पड़ताल करती है। किसी के पास भी ऐसी कोई कॉल आती है तो वह इसकी शिकायत नजदीकी थाने पर करे।

Cyber Alert - फोटो : FREEPIK
पहले आ चुके हैं ऐसे मामले

बैंक कर्मी को 33 घंटे किया डिजिटल अरेस्ट
शाहपुर के हरिद्वारपुरम काॅलोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड एसबीआई में बैंक मैनेजर थे, जल्द ही वह रिटायर हुए हैं। बैंक कर्मी के फोन पर 31 जुलाई को सुबह 9:43 बजे कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपने आप को मुंबई साइबर क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया।

इसके बाद जांच के नाम पर 33 घंटे तक बैंककर्मी को डिजिटल अरेस्ट किया। इस दौरान दोस्त की समझदारी से वह बिना पैसे दिए डिजिटल अरेस्ट से रिहा हुए।

Cyber Alert - फोटो : FREEPIK
कैंट क्षेत्र में 14 लाख रुपये दे दिए
मई माह में कैंट क्षेत्र के गोलघर में किराए के घर में रहने वाली एक कंपनी के मैनेजर को सीबीआई अफसर बनकर 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट किया गया था। इस दौरान जालसाजों ने मैनेजर से 14.96 लाख रुपये ले लिए थे। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आज तक आरोपी पकड़े नहीं गए।
 

बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के मामले - फोटो : अमर उजाला
स्कूल की प्रिंसिपल ने दिए थे 12.56 लाख रुपये
सिविल लाइंस इलाके के एक स्कूल की प्रिंसिपल को 13 से 24 मई तक जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इस दौरान वह पूरे घर की सूचना साइबर जालसाज को देती रहीं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी पकड़े नहीं गए।


 
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Cyber Alert - फोटो : FREEPIK
अपराध से बचाव एवं सावधानियां-
डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, ऐसी अफवाह से बचें।
टेलीग्राम/ वाॅट्सएप/इंस्टाग्राम के माध्यम से टास्क पूरा कर पैसे कमाए, जैसे लुभावने अफवाहों से बचें।

क्रिप्टो करेंसी/ बिटक्वाइन में पैसे इनवेस्ट करने पर तीन गुना कमाने वाली बातों में आकर जाल में न फसें।
फोन पर पुलिस अधिकारी बनकर पुत्र/पुत्री को किसी केस में फंसाने का डर दिखाने वालों से बचें।

पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ओटीपी व बैंक खाते आदि किसी को भी शेयर न करें।
किसी भी अंजान व्यक्ति से वॉट्सएप वीडियो कॉल करने में पूर्ण सावधानी बरतें।
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