बेसिक शिक्षा विभाग मंगलवार को एक्शन मोड में(
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लोक लेखा समिति की बैठक में नगर विधायक की ओर से प्राथमिक शिक्षा की लचर व्यवस्था पर नाराजगी जताए जाने के बाद से बेसिक शिक्षा विभाग मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आया। बेसिक शिक्षा विभाग ने औचक निरीक्षण का महाभियान चलाकर नगर के क्षेत्र के 75 परिषदीय विद्यालयों को खंगाला। जहां बिना बताए विद्यालय से अनुपस्थित मिले 10 सहायक अध्यापकों समेत दो शिक्षा मित्रों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। वहीं एक शिक्षामित्र को बर्खास्तगी का नोटिस दिया गय है।
मंगलवार को अचानक हुए निरीक्षण से नगर क्षेत्र के विद्यालयों में एक घंटे तक हड़कंप मचा रहा। बीएसए की अगुवाई में नौ खंड शिक्षा अधिकारी, चार जिला समन्वयक और एमआईएस इंचार्ज की मौजूदगी में औचक निरीक्षण का महाभियान चलाया गया। इस दौरान विद्यालयों से बिना सूचना अनुपस्थित मिले शिक्षकों, शिक्षामित्रों का वेतन रोक दिया गया।
निरीक्षण के दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय सेमरा पर जिला समन्वयक एमडीएम की अगुवाई में पहुंची टीम ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक सरला लता को विद्यालय पर ही तैनात शिक्षिका चंद्रकला वर्मा की हाजिरी बनाते पकड़ लिया जबकि वो अनुपस्थित थी। प्रभारी प्रधानाध्यापक रजिस्टर में सादे कागज को प्रार्थना पत्र बता सहयोगी का अवकाश चढ़ाने की फिराक में थीं। इस पर एमडीएम प्रभारी ने उन्हें चेतावनी देते हुए तत्काल सूचना बीएसए को मुहैया कराई। जहां दोनों ही शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन रोक दिया गया।
इन शिक्षकों का रोका वेतन
सहायक अध्यापक आशा शुक्ला, अनिता सिंह, संगीता सिंह, प्रीति रावत, सुमति बाला, पुष्पा सिंह, गरिमा शाही, सरल लता, चंद्रकला वर्मा, सुमन सिंह और शिक्षामित्र फौजिया खातून, भावना चौधरी, कुसुम मौर्या और चंद्रा गुप्ता।