कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए अब लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करने का नया तरीका अपनाया है। शहर में कई ऐसी गलियां हैं जहां लोगों ने बांस-बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग कर दी है। बाहरी लोगों की आवाजाही न हो इसके लिए कुछ नौजवान पहरा भी दे रहे हैं। अगर कोई बाइक सवार आ भी गया तो उसे लौटा दिया जा रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जबसे बैरिकेडिंग हुई है, पूरी तरह से लॉकडाउन हो गया है।
दक्षिणी बेतियाहाता में नेशनल हाइवे के पास से जाने वाली एक गली में मोहल्ले के लोगों ने दोनों तरफ से रास्ते को रोक दिया। गली में रहने वाले डीवीएन पीजी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मुन्ना, गोरखपुर यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रो. प्रवीन सिंह, शिक्षक नेता रमेंद्र प्रताप चंद, अरविंद सिंह का कहना है कि मुख्य रास्ता बंद होने के बाद लोग गली से ही आने-जाने लगे थे। कई लोग रुक-रुककर बातें किया करते थे। इसे देखते हुए बैरिकेडिंग कराई गई।
इसी तरह बेतियाहाता लोनिया टोला में आनंद शंकर राय मार्ग वाली गली में दोनों ओर से बैरिकेडिंग की गई है। इस गली के विनोद पांडेय, संजीव कुमार, रिंपू, टिंपू, बीके चौहान का कहना है कि मोहल्ले में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी। लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं रह गया था।
सभी लोगों को सावधान रहना होगा। यह काम सिर्फ पुलिस और प्रशासन का ही नहीं है। इसी तरह हरिहर प्रसाद दूबे मार्ग पर पेट्रोल पंप के सामने वाली गली में भी बैरिकेडिंग की गई है। यहां लाल कपड़ा भी लगाया है। चिलमापुर, आजाद नगर सहित कई गलियों में लोगों ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।