अपराजिता मुहिम के अंतर्गत महिला सुरक्षा को लेकर संवाद का आयोजन सिटी कार्यालय में किया गया।
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अमर उजाला की अपराजिता मुहिम के अंतर्गत महिला सुरक्षा को लेकर संवाद का आयोजन मंगलवार को सिटी कार्यालय में किया गया। जहां, बेटियों ने एक स्वर में कहा कि मनबढ़ों के गंदे मंसूबों पर बाबा के बुलडोजर का खौफ नजर आने लगा है। कानून व्यवस्था में प्रदेश की स्थिति बेहतर हुई है। शाम को घर से निकलते वक्त खौफ नहीं लगता है।
बदमाशों को पता है कि गलती करेंगे तो कितने भी बड़े रसूखदार हों, सलाखों के पीछे होंगे। प्रदेश सरकार विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और पर्यटन के दृष्टिगत कार्य कर रही है। हाल ही में सरकार ने कामकाजी महिलाओं से शाम सात बजे के बाद कार्य न लेने का निर्देश देकर मन जीत लिया है।
अमर उजाला के महिला सुरक्षा संवाद में अर्पिता मिश्रा, खुशी यादव, श्रद्धा पांडेय, मुस्कान श्रीवास्तव, चंदा निषाद, प्राची श्रीवास्तव, जग्वी जायसवाल ने भी अपने बहुमूल्य विचार रखे।
ताइक्वांडो खिलाड़ी हूं खेलने के लिए अक्सर शहर से बाहर जाना पड़ता है। पहले माता-पिता बाहर भेजने में बहुत डरते थे। योगी राज में बाहर जाने में सहजता महसूस होती है।- प्रतिज्ञा उपाध्याय, ताइक्वांडो खिलाड़ी।
पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में शाम को अंधेरा होने के बाद घर से निकलने में डर लगता था। वर्तमान प्रदेश सरकार की ओर से अपराधियों पर की जा रही कार्रवाई से निडर होकर शाम को भी कोचिंग जाती हूं और अपनी पढ़ाई पर फोकस कर पा रही हूं। - साक्षी, प्रतियोगी छात्रा।
महिलाएं और बेटियां निश्चित समय पर काम से घर चली जाएंगी तो अपने परिवार के लिए भी समय निकाल सकेंगी। अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देंग। - शिवानी कुशवाहा, प्रतियोगी छात्रा।
मैं अपने आप को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करती हूं। सरकार में अपराधी खौफ से थर-थर कांप रहें हैं। बिना डर के कानून का राज लागू नहीं हो सकता। - कुमारी लक्ष्मी, सीआरडी पीजी कॉलेज।
महिला सुरक्षा पर सरकार अच्छा कार्य कर रही है। इसे और बेहतर किए जाने का प्रयास होना चाहिए। बेटों को भी महिलाओं का सम्मान करने की सीख परिवार में दी जाए।- कामिनी सिंह, सीआरडी पीजी कॉलेज।
प्रदेश सरकार की ओर दिन-प्रतिदिन कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। पहले से छेड़छाड़ की घटनाओं में कमी आई है। मनचलों को भी पता है की गुंडाराज पूरी तरह खत्म हो गया है।- डॉ. रेखा रानी शर्मा, शिक्षिका, सीआरडीपीजी कॉलेज।