सरकारी कोटे की दुकान पर अब आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए जाएंगे। अंत्योदय राशन कार्ड धारक परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा हासिल करने के लिए कोटे की दुकान से संपर्क करें।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत हाल ही में प्रदेश के अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को भी प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इनके आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य विभाग की ओर से ही बनाए जा रहे थे। कार्ड बनने की धीमी गति को बढ़ाने के मद्देनजर शासन ने कार्ड बनाने की जिम्मेदारी कोटेदारों को सौंपने का निर्णय लिया है। वर्तमान में जिले में 13,302 अंत्योदय कार्ड धारक हैं और 51,932 लाभार्थी हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले सरकार इन सभी लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने और निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना चाहती है। डीएम विजय किरन आनंद ने जिले के सभी कोटेदारों को 31 अक्तूबर तक अभियान चलाकर लाभार्थियों का अंत्योदय कार्ड बनाने का निर्देश जारी किया है।
जिला खाद्य आपूर्ति कार्यालय से संबद्ध सरकारी राशन कोटेदार अक्तूबर के द्वितीय चरण का खाद्यान्न वितरण कर रहे हैं। कोटेदार की दुकान के पास स्थित सहज जन सेवा केंद्र संचालक खाद्यान्न वितरण के दौरान कोटेदार के यहां अपने लैपटॉप लेकर मौजूद रहेंगे। यहां खाद्यान्न लेने आए अंत्योदय कार्ड धारकों का आयुष्मान कार्ड के लिए मौके पर ही पंजीकरण करेंगे। लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनाने में समस्या न हो इसके लिए सभी जिला पूर्ति निरीक्षक, खंड विकास अधिकारी लगातार निगरानी करेंगे। सीएमओ ने सभी आशाओं को निर्देश दिया है कि 31 अक्तूबर तक संबंधित कोटे की दुकान पर मौजूद रह कर अंत्योदय राशनकार्ड धारकों का आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करें।
डीएम खुद रख रहे नजर
लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनने में कोई समस्या न आए इसके लिए डीएम विजय किरन आनंद ने कोटेदार और उनसे संबंधित जन सेवा केंद्र संचालकों को पत्र लिखा है। डीएम खुद ही इस योजना की समीक्षा कर रहे हैं। चेतावनी भी जारी की है कि यदि समीक्षा में जिस ग्राम के अंत्योदय कार्डधारकों योजना के अंतर्गत पंजीकरण पूर्ण नहीं मिलेगा तो माना जाएगा कि कोटेदार शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग नहीं कर रहा है। ऐसे कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जनसेवा केंद्र संचालकों को भी निर्देश
जिलाधिकारी ने जनसेवा केंद्र गोरखपुर के जिला प्रबंधक विकास कुमार मौर्या को भी पत्र जारी किया है। पत्र में डीएम ने विलेज लेवल इंटरप्रेन्योर (वीएलई, जन सेवा केंद्र संचालक) के लापरवाही बरतने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। विकास ने बताया कि जिले में 1600 वीएलई हैं, सभी को वाट्सएप ग्रुप और मेल के जरिये मैसेज भेज दिया गया है। पूरी गंभीरता के साथ इस जनकल्याणकारी योजना पर अमल किया जाएगा।