मुनीरा और उनके पति आकाश।
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मुनीरा गुप्ता का अधिकांश समय मेलर्बन में गुजरा है। भारतीय संस्कृति, त्योहारों और परंपरा के बारे में उन्हें जानकारी है। मगर, इंदौर में उन्हें इनका गवाह बनने का मौका नहीं मिला। मेलर्बन में इतनी भव्यता से इन्हें मनाया नहीं जाता है। इसलिए दंपती ने करवाचौथ के पर्व को गोरखपुर में मनाने का निर्णय लिया।
दो महीने पहले सास ने शुरू की खरीदारी
पहली बार सुसराल आकर करवाचौथ मनाने की जानकारी मिलने के बाद से सास बबीता गुप्ता अपनी बेटी शिखा गुप्ता के साथ बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने त्योहार को खास बनाने के लिए बहू की साड़ी और गहनों की खरीदारी से लेकर सौंदर्य प्रसाधन के सामान की खुद ही खरीदारी की है।