गोरखपुर में फाइलेरिया की दवा खिलाने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम पर मंगलवार को हमला बोल दिया गया। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता को पीटा गया है। आशा कार्यकर्ता की तहरीर पर रामगढ़ताल थाना पुलिस दो नामजद सहित कई अज्ञात के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने सहित लोक सेवक को भय दिखाने और मारपीट की धारा मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मामले में गिरफ्तारी न होने से आशा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और उस क्षेत्र में दवा बांटने से इंकार कर दिया।
जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम आशा कार्यकर्ता बबली सिंह अपनी टीम के साथ रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के गोपलापुर में फाइलेरिया की दवा खिलाने गई थीं। आरोप है कि दवा खिलाने के दौरान गांव के आशीष और मनीष उर्फ मन्नी ने मारपीट शुरू कर दी। साथ ही दवा छीनने लगे। आशीष और मनीष के साथ कुछ और लोग भी आ गए।
इन सबने आशा कार्यकर्ता के साथ बदसलूकी की और मारपीट कर घायल कर दिया। मामले की जानकारी आशा कार्यकर्ता ने सीएमओ को दी। सीएमओ की सूचना पर पुलिस आई। बाद में गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
रामगढ़ताल इंस्पेक्टर सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। सरकारी कामकाज में बाधा डालना गंभीर अपराध है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। एसएसपी से भी बात की गई है। आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। पुलिस जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग अपने कर्मचारियों के साथ खड़ा है।