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गोरखपुर: एक सप्ताह में निपट जाएगा असुरन पोखरे की जमीन का मामला, तीन जगह का दिया प्रस्ताव

Fri, 05 Feb 2021 08:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर में लंबे समय से चल रहा असुरन पोखरे का विवाद अगले सप्ताह सुलझ जाने की उम्मीद है। पोखरे की जमीन बेचने वाले परिवार ने वादे के मुताबिक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल को सदर तहसील क्षेत्र की ही तीन जमीन का प्रस्ताव दिया है। इसमें से एक प्रस्ताव प्रशासन को उपयुक्त भी लगा है।

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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कहना है कि लेखपालों की टीम संबंधित जमीन की पैमाइश कर रही है। सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत का आंकलन करने की जिम्मेदारी रजिस्ट्री विभाग को सौंपी गई है। अगले सप्ताह जमीन तहसीलदार सदर को अधिकृत करते हुए राज्य सरकार के पक्ष में बैनामा करा दी जाएगी।
 
सदर तहसील प्रशासन ने करीब दो सप्ताह पहले भेडियागढ़ कॉलोनी के करीब 155 लोगों को यह कहते हुए नोटिस जारी किया था कि उनके मकान असुरन पोखरे की जमीन पर बने हैं। ध्वस्तीकरण का नोटिस मिलने के बाद हरकत में आए लोगों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से मिलकर 2010 में हुए समझौते का हवाला दिया था।
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यह समझौता कॉलोनी के लोगों को जमीन बेचने वाले ऋषभ जैन की तरफ से तत्कालीन कमिश्नर पीके महांति के समय 2010 में किया गया था। जिसमें उन्होंने प्रशासन को शपथ पत्र देकर आश्वस्त किया था कि वे एक महीने के भीतर ताल की कब्जा हो चुकी जमीन के बराबर जमीन देंगे। मगर बाद में उन्होंने जमीन नहीं दी।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तत्कालीन कमिश्नर के आदेश के क्रम में ही ऋषभ जैन को भूखंड की कीमत के बराबर का भूखंड देने का निर्देश दिया था।

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