रामलीला में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला।
भगवान राम वनगमन के दौरान श्रृंगवेरपुर पहुंचते हैं। वहां राम का निषादराज गुह से मिलन होता है। निषादराज उनसे श्रृंगवेरपुर में ही निवास करने की प्रार्थना करते हैं। भगवान महाराज दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए वन की ओर बढ़ जाते हैं और गंगा नदी के समीप पहुंचते हैं। भगवान राम, जानकी व लक्ष्मण के साथ गंगा जी की पूजा करते हैं। फिर गंगा जी को पार कराने के लिए केवट से संवाद होता है। केवट अपनी चतुराई से भगवान के चरण पखारने की आज्ञा लेता है। केवट कहते हैं कि प्रभु आपके चरण स्पर्श से पत्थर स्त्री बन गई। ये मेरी नाव मेरी जीविका का साधन है यह भी मुनि की स्त्री का रूप धारण कर ली तो मेरी जीविकोपार्जन का क्या होगा। लिहाजा, आप पांव पखारने की अनुमति दीजिए। श्रीराम केवट को चरण स्पर्श करने की आज्ञा देते हैं। इसके बाद केवट परिवार सहित भगवान के चरण पखारते हैं और भगवान को नाव पर विराजमान कराकर गंगा पार कराते हैं।
चित्रकूट में पुष्प वर्षा से स्वागत
गंगा पार करने के बाद भगवान राम चित्रकूट पहुंचते हैं। जहां देवता, ऋषि, नाग, किन्नर, संत पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करते हैं। साथ ही निवेदन करते हैं कि वह चित्रकूट में ही रुकें। भगवान की सेवा में कोल भील भी कंद, मूल, फल लेकर आते हैं। इस मंचन के साथ तीसरे दिन की रामलीला का समापन हो गया।
एडीएम वित्त ने किया शुभारंभ
तीसरे दिन की रामलीला का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह ने किया। राजीव रंजन अग्रवाल, विकास जालान, मनीष सराफ, जीतू अग्रवाल ने भगवान राम की आरती की। इस अवसर पर गोवर्धन सिंह, कीर्ति रमन दास, जितेंद्र नाथ अग्रवाल, दीपजी अग्रवाल, राममोहन अग्रवाल, श्रवण कुमार तिवारी, गोवर्धन दास अग्रवाल, संतोष अग्रवाल शशि, नवोदित त्रिपाठी, शैलेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
रामलीला में मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला।
सराफा भवन हिंदी बाजार में आयोजित रामलीला में तीसरे दिन रविवार को राम-केवट संवाद, राम के चित्रकूट आगमन एवं दशरथ मरण का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि भगवान राम, लक्षण और माता सीता सहित चित्रकूट पहुंचते हैं। उधर, राम को वन पहुंचाकर सुमंत वापस अयोध्या आते हैं। राजा दशरथ को बताते हैं कि राम-लक्ष्मण और सीता को बहुत समझाया मगर वह वापस नहीं आए और वन चले गए। यह सुनकर राजा दशरथ हे राम, हे राम कहते हुए प्राण त्याग देते हैं। दशरथ के मरने की खबर सुनकर अयोध्यावासी शोक में डूब गए। इस दृश्य को देख दर्शकों की आंखें भर आईं।
रामलीला के अंत में आरती उतारी गई। श्री रामलीला कमेटी बर्डघाट की ओर से आयोजित रामलीला का मंचन श्री कृष्ण आदर्श रामलीला मंडल मानस उत्थान समिति जनकपुर के कलाकार कर रहे हैं। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पंकज गोयल, महामंत्री अनूप अग्निहोत्री, अनिल बरनवाल, विनोद सर्राफ, दिनेश सर्राफ, अनुराग मझवार, मृणाल बरनवाल, गोपाल वर्मा, राजेंद्र प्रजापति, बलवंत आर्य, चंद्र प्रकाश वर्मा, कन्हैया वर्मा, हर्ष बरनवाल, संतोष वर्मा, भरत जालान आदि मौजूद रहे।
आज के मंचन
आर्यनगर रामलीला समिति के प्रवक्ता विकास जालान ने बताया कि मंचन के चौथे दिन सोमवार को दशरथ की मृत्यु, भरत-कौशल्या संवाद, भरत का चित्रकूट प्रस्थान का मंचन होगा। वहीं, बर्डघाट रामलीला समिति के मीडिया प्रभारी अनुराग मझवार ने बताया कि राम-भरत मिलन एवं राम-भरत संवाद, भरत का चरण पादुका लेकर अयोध्या वापस आना और नासिका भेदन का मंचन किया जाएगा।
इस लिंक पर ऑनलाइन देंख आर्यनगर की रामलीला