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Gorakhpur News: रमजान में फैली इत्र की खुशबू...अल्काेहल फ्री सेंट की बढ़ी मांग

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- नबी की सुन्नत है इत्र लगाना, धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रख पसंद कर रहे प्राकृतिक इत्र
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गोरखपुर। रमजान के पाक महीने की शुरुआत के साथ ही शहर के बाजार इत्र की खुशबू से महक उठे हैं। खास तौर पर अल्कोहल फ्री सेंट की इस बार खूब मांग है। इसे देखते हुए व्यापारियों ने खास सेंट मंगाए हैं। रोजेदार नमाज और इबादत के दौरान ऐसे इत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनमें अल्कोहल का उपयोग न हो।
धार्मिक मान्यताओं और नबी मोहम्मद साहब की सुन्नत को ध्यान में रखते हुए लोग प्राकृतिक और बिना अल्कोहल वाले इत्र और सेंट खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहर के उर्दू बाजार, रेती चौक और गोलघर इलाके की दुकानों पर सुबह से देर रात तक ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बिक्री बढ़ी है। खासकर गुलाब, चंदन, अंबर जैसी खुशबुओं के साथ हर साल मांग में रहने वाले मजमुआ, जन्नतुल फिरदौस, गुलाब, अलरफुल, मुश्क और बेले के इत्र की मांग ज्यादा है।
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नखास स्थित इत्र के विक्रेता अख्तर आलम ने बताया कि अल्कोहल फ्री सेंट में मैग्नेट, नाजनीन, शनाया, ब्लू वेव की मांग ज्यादा है। वहीं, माई चॉइस, खामरा, जाॅय भी पसंद किए जा रहे हैं। इनके दाम 40 रुपये से एक हजार तक हैं। वहीं, इत्र 10 रुपये से लेकर पांच हजार के दाम में उपलब्ध हैं।
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रोजा रखने वाले लोग इफ्तार और तरावीह की नमाज से पहले इत्र लगाना पसंद करते हैं। युवा वर्ग जहां मॉडर्न पैकिंग वाले सेंट खरीद रहा है, वहीं बुजुर्ग पारंपरिक शीशियों में मिलने वाले अत्तर को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी दे रहे हैं। इत्र व्यापारी मीजान ने बताया कि यह इत्र मुंबई, लखनऊ, कानपुर, कन्नौज और कोलकाता आदि से मंगाए जा रहे हैं। रमजान के अवसर पर इत्र की बढ़ती मांग से कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं।
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