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Gorakhpur News: बिना स्वीकृति एमबीए के पाठ्यक्रम में करा लिया आवेदन, दस्तावेज भी रखे बंधक

Wed, 27 Sep 2023 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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- गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों के भविष्य के साथ किया खिलवाड़
-काउंसिलिंग कर डेढ़ माह दौड़ाने के बाद कोर्स की स्वीकृति नहीं होने की दी जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का मामला प्रकाश में आया है। बिना स्वीकृति के ही एमबीए एग्री बिजनेस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन ले लिया। परीक्षा में पास छात्रों की काउंसिलिंग कर उनका मूल दस्तावेज बंधक रख लिया। काउंसिलिंग के बाद डेढ़ माह तक छात्रों को दौड़ाते रहे। अब कोर्स के एप्रूवल नहीं होने का हवाला देकर संचालित नहीं करने की उन्हें जानकारी दी गई। छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं।

गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से एमबीए एग्री बिजनेस का नया पाठ्यक्रम संचालन की जानकारी देकर 20 सीटों के लिए आवेदन मांगा। आवेदन किए छात्रों की प्रवेश परीक्षा कराई गई। कटऑफ जारी कर 12 अगस्त को काउंसिलिंग की गई। काउंसिलिंग के बाद फीस पोर्टल नहीं खुलने से उन्हें विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़े।
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पहले दो-चार दिन में पोर्टल खुलने की बात कही गई फिर बाद में कोर्स में कम छात्र होने का हवाला दिया गया। छात्रों को बताया गया कि कम से कम 60 फीसदी सीट भरने पर ही कोर्स का संचालन किया जाएगा।
छात्रों का कहना है कि निर्धारित 20 सीट के सापेक्ष 12 से 14 छात्र प्रवेश के लिए पहुंचे थे। इसके बाद भी उनसे हकीकत छिपाई जाती रही। इलाहाबाद, वाराणसी, फैजाबाद, बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया व बिहार के छात्र प्रवेश के लिए बार-बार दौड़ लगा रहे हैं।
सोमवार को छात्र कुलपति से मिलने पहुंचे। आरोप है कि नियंता प्रो. सतीश पांडेय ने उन्हें मिलने से रोक दिया। बाद में काफी प्रयास पर दो छात्रों को कुलपति से मिलवाया गया। वार्ता के दौरान कुलपति ने कोर्स का संचालन करने से मना कर दिया।
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परेशान छात्र ने कहा, कूदकर दे दूंगा जान

कोर्स का संचालन करने से मना करने पर भविष्य को लेकर परेशान देवरिया से आए छात्र आशुतोष चौबे ने नियंता प्रो. सतीश पांडेय से कहा कि वह प्रशासनिक भवन की छत से कूद कर जान दे देगा। इसके बाद जबरन छात्रों को कुलपति कार्यालय से बाहर निकाल दिया गया।
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कांउसिलिंग में रखवा लिए थे मूल दस्तावेज
विश्वविद्यालय प्रशासन ने काउंसिलिंग के दौरान छात्रों का मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी रख लिया था। जिससे वह किसी अन्य जगह प्रवेश न ले सकें। मूल दस्तावेज नहीं होने के चलते छात्र किसी अन्य जगह प्रवेश के लिए काउंसिलिंग भी नहीं करा सके। अब कोर्स के नहीं चलने की बात कह कर उनका मूल दस्तावेज लौटाया जा रहा है।
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कोट...

छात्र संख्या कम होने के चलते एमबीए एग्री बिजनेस कोर्स का संचालन नहीं करने का निर्णय लिया गया है। 60 फीसदी से कम किसी भी स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में छात्र संख्या होने पर संचालन नहीं किया जाएगा। कोर्स के एप्रूवल के मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर सकती। छात्रों को दूसरे कोर्स में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति
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