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अपराजिता: अब नए हौसलों से लैस हैं ये बेटियां, दो दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की शुरूआत

Fri, 18 Dec 2020 10:18 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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ताइक्वांडो का प्रशिक्षण लेती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला।
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अमर उजाला फाउंडेशन के नारी गरिमा के साझा संकल्प अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत बृहस्पतिवार को दो दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर की शुरूआत एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई। ताइक्वांडो एक्सपर्ट विशाल कुमार की अगुवाई में ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने 70 से अधिक छात्राओं को आत्मरक्षा का गुर सिखाया। छात्राओं ने इसे आजमाया, परखा और कहा कि अब वे नए हौसले से लैस हैं।

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ताइक्वांडो प्रशिक्षक विशाल ने बताया कि छेड़छाड़ जैसे मामलों में डरने से अराजकतत्वों के हौसले बढ़ जाते हैं। डटकर सामना किया जाए तो वे दोबारा ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगे। उन्होंने मनचलों से हाथ छुड़ाने, पंच, घुटना या फिर कोहनी से मुंह और सीने पर जोरदार वार करने के तरीके बताए।

खिलाड़ी प्रतिज्ञा उपाध्याय, अंजली गुप्ता और अंकिता राना ने दोनों हाथ, गला या पीछे से पकड़ लेने की स्थिति में खुद को कैसे छुड़ाना है, इसकी जानकारी दी। इसके लिए मार्शल आर्ट के तरीके सिखाए। जानकारी देने वाले अन्य खिलाड़ियों में रिंका सिंह, चंदन निषाद, अमन गुप्ता, शिवम मौर्या, सन्नी सिंह और निहाल सिंह रहे।
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बोलीं प्रधानाचार्य

महिला सशक्तिकरण की यह मुहिम मील का पत्थर साबित होगी। आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन बेटियों का हौसला बढ़ता है, वो खुद की रक्षा करने में सक्षम होती है। अभियान से जुड़कर अच्छा लगा, आगे भी ऐसे आयोजनों में हर संभव मदद करने की कोशिश जारी रहेगी। -रिमी यादव, प्रधानाचार्य एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज

इनका रहा खास सहयोग

शिविर के आयोजन में एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज की शिक्षिका तृप्ति वर्मा, वंदना गुप्ता, अन्नू पटेल, सुभद्रा यादव, रश्मि बाला, बिंदु माला सिंह, नंदिनी सिंह, प्रियंका सिंह, नीता यादव, इंदु यादव, अनुपमा, मालती और कंचन मणि त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभाई।

क्या बोली अपराजिताएं

शिविर से आत्मविश्वास बढ़ा
मार्शल आर्ट के जरिए खुद को बचाने का तरीका सीखने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मैं अपनी रक्षा खुद कर सकूंगी।  -आरोही त्रिपाठी, कक्षा 10

खुद को मजबूत बनाने की ठानी
प्रशिक्षकों में शामिल लड़कियों को देखकर खुद को मजबूत बनाने की ठानी है। अब किसी भी चुनौती का बगैर घबराए सामना कर सकूंगी। - लक्ष्मी यादव, कक्षा 10

अपना बचाव बखूबी कर सकूंगी
घर से स्कूल आते-जाते वक्त डर बना रहता था। वह अब दूर हुआ है। साहस-सूझबूझ के साथ मैं अपना बचाव बखूबी कर सकूंगी। - जैनब वाहिद, कक्षा 10

शिविर के दौरान आत्मरक्षा के साथ ही सचेत रहने की जो जानकारी दी गई, वह भी उपयोगी है। अब समस्याएं अपने परिवार से साझा करेंगे। - मधु खरवार, कक्षा 10
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