मौके पर जांच करती एंटी करप्शन टीम।
- फोटो : अमर उजाला।
संतकबीरनगर जिले में एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में संचालित ट्रेजरी कार्यालय से सहायक लेखाकार को 20 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़ा। पकड़े गए आरोपी के पास से दो हजार रुपये के कुल दस नोट बरामए हुए। पकड़े गए आरोपी को टीम कोतवाली ले गई। आरोप है कि शिकायतकर्ता से उसकी मां के एरियर भुगतान के नाम पर सहायक लेखकार घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए।
धनघटा क्षेत्र के खाजों गांव निवासी रजनीश राय ने बताया कि उसके पिता स्वर्गीय जीत बहादुर राय असम पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उसके पिता की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी। उसकी मां इंद्रावती राय पेंशन पा रही है। वह नवंबर 2021 में अपनी मां के जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करने ट्रेजरी कार्यालय गए।
आरोप है कि ट्रेजरी के सहायक लेखाकार अवधेश मिश्रा ने उसे बताया कि मां का एक अप्रैल 2016 से 31 नवंबर 2021 तक का 1,24,520 रुपये एरियर का भुगतान बना है। आरोप है कि मां के एरियर का भुगतान करने के एवज में सहायक लेखाकार ने 20 हजार रुपये घूस की मांग किया। घूस नहीं देने पर उसे बार- बार दौड़ाते रहे। परेशान होकर उसने 14 जनवरी को एंटी करप्शन गोरखपुर कार्यालय में शिकायती पत्र दिया। मंगलवार को घूस लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने सहायक लेखाकार को गिरफ्तार किया।
एंटी करप्शन गोरखपुर टीम के प्रभारी निरीक्षक चंद्रेश यादव ने बताया कि खाजों गांव निवासी रजनीश राय के शिकायत की प्रारंभिक जांच निरीक्षक यू पी सिंह से कराई गई। डीएम ने मांग करने पर सरकारी गवाह के रूप में कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी सुधीर श्रीवास्तव और वाणिज्यिक कर अधिकारी अनिल त्रिपाठी को नामित किया। सरकारी गवाह के साथ एंटीकरप्शन की टीम ट्रेजरी कार्यालय पहुंची,जहां शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये घूस लेते सहायक लेखकार अवधेश मिश्रा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता की मां के एरियर भुगतान के नाम पर पकड़े गए आरोपी सहायक लेखाकार घूस लिए थे। पकड़े गए आरोपी को कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाल विजय नारायन प्रसाद ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। जैसे ही तहरीर मिलेगी, आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।