गोरखपुर से सहजनवां के बीच गीडा सेक्टर-5 से 7 तक शाम होते ही छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। कई बार इन पशुओं के चलते बड़ा हादसा होते-होते बचा है। शासन स्तर पर ग्राम पंचायतों में गोशाला की स्थापना की गई है बावजूद इसके जिम्मेदारों को उन्हें पकड़वाने की सुध नहीं है।
बताया गया कि दिन भर तो ये छुट्टा पशु किसानों की फसल को बर्बाद करते हैं और शाम होते ही हाईवे की ओर रुख कर लेते हैं। कहीं-कहीं तो दिन में भी ये झुंड में देखे जा सकते हैं। वाहन चालकों के हार्न का भी इन पर असर नहीं पड़ता। खलासी को ट्रक से उतर कर इन्हें हटाना पड़ता है।
दो पहिया वाहन चालकों को भी कम मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता। अक्सर वे छुट्टा पशुओं से टकराकर चोटिल हो जाते हैं। बात सिर्फ छुट्टा पशुओं तक की ही नहीं है। कुछ पशुपालक भी ऐसे हैं जो दूध दुहने के बाद पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं जिससे उन्हें चारा न देना पड़े।
इस संबंध में एसडीएम सुरेश कुमार राय का कहना है मामला संज्ञान में आया है। गोशाला प्रबंधन से वार्ता कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।