सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट पर बुधवार को इलाज कराने आई एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर अस्पताल में नहीं थे। मौजूद फार्मासिस्ट ने इलाज किया। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीण भी परिजनों का साथ देते हुए डॉक्टर के खिलाफ भड़क गए। परिजनों की मांग थी कि डॉक्टर को निलंबित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस बीच पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ गुड्डू, अमरेंद्र निषाद समेत गुलरिहा एसओ और भटहट चौकी प्रभारी रूपेश कुमार पाल मौके पर पहुंचे और डॉक्टर आशुतोष चौहान को बचाकर एक कमरे में बंद किया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक पिपराइच के चकियां निवासिनी कबूतरा देवी (60) की बुधवार की शाम छह बजे के करीब भोजन बनाते समय तबीयत बिगड़ गई। पुत्र श्रीराम निषाद एवं राकेश निषाद बाइक से लेकर उन्हें सीएचसी पर इलाज के लिए ले गए। परिजनों का आरोप है कि उस समय इमरजेंसी ड्यूटी पर अस्पताल में तैनात डॉक्टर नहीं थे।
फार्मासिस्ट संजय कुशवाहा ने ऑक्सीजन लगाने की तैयारी करने के साथ ही इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को सूचना दी। जब तक चिकित्सक मौके पर पहुंचते तब तक कबूतरा की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पर इमरजेंसी ड्यूटी में कोई चिकित्सक नहीं रहता है। अगर समय से इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बच जाती।