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गोरखपुर: वृद्ध की मौत पर आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सीएचसी पर हंगामा, पुलिस ने कराया शांत

Thu, 02 Dec 2021 02:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉक्टर को बचाकर कमरे में किया बंद, स्थानीय जनप्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर मामले को कराया शांत।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटहट पर बुधवार को इलाज कराने आई एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर अस्पताल में नहीं थे। मौजूद फार्मासिस्ट ने इलाज किया। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीण भी परिजनों का साथ देते हुए डॉक्टर के खिलाफ भड़क गए। परिजनों की मांग थी कि डॉक्टर को निलंबित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए।

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इस बीच पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजय सिंह उर्फ गुड्डू, अमरेंद्र निषाद समेत गुलरिहा एसओ और भटहट चौकी प्रभारी रूपेश कुमार पाल मौके पर पहुंचे और डॉक्टर आशुतोष चौहान को बचाकर एक कमरे में बंद किया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।      

जानकारी के मुताबिक पिपराइच के चकियां निवासिनी कबूतरा देवी (60) की बुधवार की शाम छह बजे के करीब भोजन बनाते समय तबीयत बिगड़ गई। पुत्र श्रीराम निषाद एवं राकेश निषाद बाइक से लेकर उन्हें सीएचसी पर इलाज के लिए ले गए। परिजनों का आरोप है कि उस समय इमरजेंसी ड्यूटी पर अस्पताल में तैनात डॉक्टर नहीं थे।
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फार्मासिस्ट संजय कुशवाहा ने ऑक्सीजन लगाने की तैयारी करने के साथ ही इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को सूचना दी। जब तक चिकित्सक मौके पर पहुंचते तब तक कबूतरा की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी पर इमरजेंसी ड्यूटी में कोई चिकित्सक नहीं रहता है। अगर समय से इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बच जाती।

 

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सूचना पर नायब तहसीलदार वशिष्ठ कुमार वर्मा पहुंचे। नायब तहसीलदार से ग्रामीणों ने सीएचसी पर डॉक्टरों के रात्रि निवास की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएचसी पर चिकित्सक रात्रि निवास नहीं करते हैं। इस पर नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों से मांगों को लिखित रूप में देने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी मांगों को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुलदीप मीणा के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

आरोप, 15 मिनट तक नहीं मिला मरीज को इलाज

ग्रामीणों का आरोप है कि महिला को लेकर पहुंचने के बाद लगभग 15 मिनट तक इलाज ही नहीं मिला। अगर समय से डॉक्टर होते तो महिला की जान बच जाती। वहीं, चिकित्सक डॉ. आशुतोष चौहान ने बताया कि जरूरी काम से कस्बे में गए थे। महिला को ऑक्सीजन लगाया गया था। कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई है। मौके पर प्रभारी निरीक्षक चंद्रहास मिश्र फोर्स के साथ पहुंच गए।

उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण डॉक्टर के निलंबन की मांग पर अड़े रहे। इस बीच अमरेंद्र निषाद और अजय सिंह उर्फ गुड्डू पहुंचे और परिजनों को काफी देर तक समझाया। मौके से ही कमिश्नर और डीएम से वार्ता कर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तब जाकर परिजन और ग्रामीण माने।
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