गोरखपुर। आंगनबाड़ी कर्मचारी सहायिका एसोसिएशन ने शुक्रवार को विकास भवन परिसर में अपना स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की ओर से घोषित मानदेय वृद्धि में प्रोत्साहन राशि को मूल वेतन में जोड़ने की मांग की। उन्होंने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष गीतांजलि मौर्य ने बताया कि भारत सरकार ने दो अक्तूबर 1975 को समेकित बाल विकास सेवा कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य व पोषण में सुधार लाना था। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय चार हजार रुपये बढ़ाने की घोषणा की है। इसमें से 1500 रुपये मूल मानदेय में बढ़ाए गए हैं। शेष 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। गीतांजलि मौर्य और संगीता आर्या ने इस घोषणा का जिक्र किया। कार्यकर्ताओं ने बताया कि पहले भी 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि मिलती थी, पर यह साल में केवल दो से चार बार ही मिल पाती थी। कई जिलों में यह राशि कभी मिली भी नहीं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांग है कि प्रोत्साहन राशि को मूल वेतन में जोड़ा जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। यह कदम उनकी आय को स्थिर करेगा। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का भला होगा। इस अवसर पर पुष्पा शुक्ला, मालती सिंह, सपना सिंह, नूतन राय, नीलम सिंह और कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।