बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगे दो ऑक्सीजन प्लांटों में एक क्रियाशील ही नहीं था। वहीं, 25 फीसदी ऑक्सीजन कंसट्रेटर काम नहीं कर रहे थे। यह कड़वा सच जिले में 28 दिसंबर को हुई मॉकड्रिल में सामने आया। चीन और अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए देश में स्वास्थ्य तैयारियों को परखने के लिए यह पूर्वाभ्यास किया गया था।
पूर्वाभ्यास की समीक्षा में शासन को काफी खामियां मिली हैं। बीआरडी के अलावा अन्य अस्पतालों में कई कमियां पाई गईं थीं। इस पर शासन ने नाराजगी जताई है। स्वास्थ्य विभाग को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, चीन सहित अन्य कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पतालों की तैयारियों को परखने के लिए मॉकड्रिल का निर्देश दिया था। इसके बाद शहर के 100 बेड टीबी अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, हरनही, कैंपियरगंज, चौरी-चौरा सीएचसी में पूर्वाभ्यास किया गया था। इस दौरान तीनों सीएचसी में थोड़ी बहुत कमियां सामने आई थीं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के लिए दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। पूर्वाभ्यास वाले दिन इनमें से एक ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील नहीं था। इसी तरह 25 फीसदी ऑक्सीजन कंसट्रेटर नहीं चल रहे थे। वहीं, 100 बेड टीबी अस्पताल में एंबुलेंस नहीं थी।
बिना एबुलेंस मॉकड्रिल की गई थी। जबकि, इन दोनों स्थानों पर अधिकारियों को व्यवस्था चाक-चौबंद दिखी थी। ग्रामीण इलाकों में व्यवस्था पर अधिकारी संतुष्ट नहीं थे, लेकिन शासन की रिपोर्ट ने अधिकारियों की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि जो कमियां मिली हैं, उसे हर हाल में दूर किया जाएगा। ऑक्सीजन प्लांटों की जांच हर दिन करने के निर्देश दिए गए हैं।
टीबी अस्पताल में मिली गंदगी और अव्यवस्था
सीएमओ ने मंगलवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बगल में बने टीबी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान गंदगी और अव्यवस्था मिली। ओपीडी से लेकर दवा वितरण केंद्र और जांच कक्ष में हर तरफ सफाई व्यवस्था खराब मिली।
सीएमओ ने टीबी अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. गणेश कुमार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। वहीं, उन्होंने 100 बेड टीबी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। यहां अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।