अब जानवरों के लिए भी एंबुलेंस की व्यवस्था होगी। अभिनव एंबुलेंस सेवा के नाम से शुरू हो रही इस सेवा के तहत गोरखपुर को पांच एंबुलेंस मिल रहीं हैं। पशुपालक अपने बीमार पशुओं के इलाज के लिए फोन कर इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
इसे अभिनव एंबुलेंस सेवा नाम दिया गया है। इसके लिए लखनऊ में कंट्रोल रूम स्थापित हो रहा है, जहां काल सेंटर रहेगा। हैदराबाद की एक कंपनी ने एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी ली है। फोन जाने पर 15 मिनट के अंदर यह एंबुलेंस उस स्थान पर पहुंच जाएगी और पशुओं को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराएगी। एक एंबुलेंस पर एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक चालक की तैनाती की जा रही है।
गोरखपुर में आएंगी पांच एंबुलेंस
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि एक लाख जानवर की आबादी पर एक एंबुलेंस दी जा रही है। गोरखपुर में 5 लाख 42 हजार पालतू गायें और भैंसें हैं। इसलिए यहां पांच एंबुलेंस आएंगी। वहीं, देवरिया में भी पांच एंबुलेंस, कुशीनगर में तीन और महराजगंज में दो एंबुलेंस आएंगी। एंबुलेंस में पशुओं के उपचार की व्यवस्था रहेगी। बावजूद इसके आराम नहीं मिलने पर हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से जानवरों को लादकर पशु अस्पतालों में लाया जाएगा। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
पहले चरण में 25 जिलों में शुरू होगी व्यवस्था
पहले चरण में गोरखपुर, नोएडा, मेरठ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, अयोध्या सहित 25 जिलों में यह व्यवस्था की जा रही है। अभिनव एंबुलेंस से 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
छुट्टा पशुओं की देेखरेख की जिम्मेदारी भी पशुपालन विभाग को देने की तैयारी है। पशुओं के लिए जो मोबाइल वैन शुरू हो रही है, इसकी जिम्मेदारी भी पशुपालन विभाग को दी गई है। -नर्वदेश्वर पांडेय, प्रभारी, कान्हा उपवन
गोरखपुर को पांच मोबाइल वैन मिल रहीं हैं। जहां भी बीमार पशुओं के मिलने की सूचना मिलेगी, मोबाइल वैन वहां पहुंचेगी और पशुओं का इलाज किया जाएगा। जल्द ही यह सेवा शुरू हो रही है। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। -भूपेंद्र नारायण सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी